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Budaun News: अब मेडिकल कॉलेज में हो सकेगी हेपेटाइटिस ‘बी’ व ‘सी’ की जांच

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रक्त की जांच करते मरीज। संवाद - फोटो : बिसवां कोटरा पुल के पास काली पन्नी में लिपटे मिले शव के बाद लगी भीड़।
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बदायूं। हेपेटाइटिस के मरीजों को अब रिपोर्ट के लिए एक माह इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि राजकीय मेडिकल कॉलेज में ही इसकी जांच शुरू हो गई है। जिला अस्पताल से भी हेपेटाइटिस मरीजों के सैंपल लेकर उनको राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा जाने लगा है। जिले में चार हजार से अधिक मरीज पंजीकृत हैं।
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जिले के हेपेटाइटिस ‘सी’ व ‘बी’ के मरीजों को वायरल लोड की जांच होने के बाद ही दवा दी जाती है। इससे पहले उनकी कई जांचें कराई जाती हैं। बाकी सभी जांचें जिला अस्पताल में हो जाती हैं, लेकिन वायरल लोड की जांच के लिए सैंपल अब तक लखनऊ भेजा जाता था। वहां से करीब एक महीने के बाद ही जांच रिपोर्ट आ पाती थी। इसकी वजह से मरीजों को समय पर दवा भी नहीं मिल पा रही थी।
ऐसे में मरीजों की हालत बिगड़ रही थी। कई मरीज तो इलाज के अभाव में दम भी तोड़ दे रहे थे। राजकीय मेडिकल कॉलेज में वायरल लोड की जांच की सुविधा थी, लेकिन जांच नहीं की जा रही थी। शासन के निर्देश के बाद अब यहां जांच शुरू कर दी गई है।
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प्राइवेट में इलाज है काफी मंहगा
हेपेटाइटिस के मरीज का इलाज सरकारी अस्पताल में फ्री है, जबकि प्राइवेट में करीब 20 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। यही वजह है कि अधिकांश लोग सरकारी अस्पताल में ही इसकी जांच कराने के बाद दवा लेते आ रहे हैं।


रिपोर्ट के इंतजार में साल भर में 10-15 मरीज गवां देते थे जान
दवा फ्री में मिल सके इसके लिए मरीज एक से डेढ़ महीने तक रिपोर्ट आने का इंतजार किया करते थे। अब मेडिकल कॉलेज में जांच शुरू होने से मरीजों ने राहत की सांस ली है। अब उनको आठ से दस दिन में दवा आसानी से मिल सकेगी। क्योंकि रिपोर्ट पांच से छह दिन में मिल जा रही है। पहले जांच रिपोर्ट के इंतजार में इलाज शुरू न होने के कारण साल भर में 10-15 मरीज जान गवां दिया करते थे। जांच के लिए सेंपल देने आए राजकुमार ने बताया कि अब रिपोर्ट जल्द आ रही है। दवा समय से शुरू होने से मरीज खुश हैं। इस महीने में आए मरीजों को दवा भी मिलने लगी है।

क्या है वायरल लोड
वायरल लोड परीक्षण किसी व्यक्ति के खून में वायरस की मात्रा का पता लगाने के लिए किया जाता है। यह परीक्षण, कई तरह की बीमारियों के लिए किया जाता है, जैसे कि एचआईवी और हेपेटाइटिस सी आदि।

मेडिकल कॉलेज में जांच की सुविधा शुरू हो गई है। मरीजों काे अब समय रहते ही दवा मिल सकेगी। किसी मरीज को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। - डॉ. अमित वार्ष्णेय, सीएमएस, जिला अस्पताल
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