बदायूं। मीरापुर गांव में स्वास्थ्य विभाग की जांच व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गांव में स्वास्थ्य विभाग की ओर से तीन दिन तक शिविर लगाकर लोगों की जांच की, लेकिन उस दौरान एक भी डेंगू या मलेरिया पॉजिटिव मरीज नहीं मिला था। वहीं, पूजा की मौत और गांव में बड़ी संख्या में लोगों के बुखार से पीड़ित होने का मामला सामने आने के बाद खबर प्रकाशित हुई। इसके बाद टीम दोबारा गांव पहुंची, जांच में चार मरीज डेंगू पॉजिटिव मिले। इससे पहले हुई जांच और अब सामने आए मामलों के बीच अंतर को लेकर विभाग की कार्रवाई और निगरानी प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
मीरापुर में पिछले कई दिनों 100 से अधिक लोग बुखार से पीड़ित थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहले गांव में तीन दिन तक शिविर लगाया था। इस दौरान बुखार से पीड़ित लोगों की जांच की गई और उन्हें दवाएं भी दी गईं। विभागीय जांच में उस समय डेंगू और मलेरिया का एक भी पॉजिटिव मरीज सामने नहीं आया। जबकि प्राइवेट लैब में रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही थी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने बाद में शिविर बंद कर दिया गया और गांव में स्वास्थ्य विभाग की सक्रिय निगरानी भी नजर नहीं आई। इसी बीच गांव में बुखार से पीड़ित पूजा की 17 को मौत हो गई। महिला की निजी लैब में कराई गई जांच में डेंगू और टाइफाइड पॉजिटिव आने की बात सामने आई थी। मामला सुर्खियों में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम दोबारा मीरापुर पहुंची। इस बार टीम ने गांव में जांच की तो चार मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। सीएमओ डॉ. विकास शर्मा ने बताया कि गांव में टीम भेजकर जांच कराई गई है। बुखार पीड़िताें को दवा का वितरण किया गया है।