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Budaun News: मरीज ही नहीं, राजकीय मेडिकल कॉलेज को भी इलाज की जरूरत

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राजकीय मेडिकल कॉलेज में पर्चे बनवाने को जुटे मरीज। संवाद
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बदायूं। बेहतर इलाज के लिए बदायूं ही नहीं आसपास के कई जिलों के मरीज राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं। उनको इलाज तो मिल रहा है लेकिन यहां पर राजकीय मेडिकल कॉलेज भी बीमार है। कॉलेज में अव्यवस्थाओं का आलम है। छतों की सीलिंग लटक गई है। लाइटें खराब हैं। सीढि़यों से लेकर गैलरी तक गंदगी फैली है।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीज के तीमारदार संभल के जुनावई निवासी अनेकपाल ने बताया कि पिछले सप्ताह बारिश के दौरान सबसे ज्यादा दिक्कत हुई। गैलरी की छतों की लगी सीलिंग उखड़ कर लटक गई है। पर्चे बनवाने के बाद प्रथम और द्वितीय तल तक पहुंचने का सीढि़यों पर गंदगी है। गंदगी से परेशान मरीज बदायूं की जहानबी कहती हैं कि सिर में दर्द का इलाज कराने के लिए वह अब तक चार बार कॉलेज आ चुकी हैं। डॉक्टर देखते हैं और दवाएं भी मिल जाती हैं, लेकिन परिसर की हालत देख सिर में दर्द बढ़ जाता है।

खिड़कियों के शीशे टूटे, सीलिंग लटकी
गंदगी और अव्यवस्थाओं का जिक्र आने पर कुछेक मरीजों का तो यहां तक कहना है कि सीलिंग ठीक कराने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। अलापुर निवासी चंद्रपाल ने बताया कि जहां सीलिंग लटक रही है, उनके आसपास बिजली की एलईडी लाइटें भी उखड़ गई हैं। कई खिड़कियों के शीशे जवाब दे चुके हैं। हालांकि गर्मी के दिनों में इनसे ज्यादा दिक्कत नहीं है, लेकिन कड़ाके की ठंड पड़ने पर खिड़कियां भी दिक्कत पैदा करेंगी।
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अव्यवस्थाओं की मार... पंजीकरण तीन हजार से ज्यादा
- राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में सोमवार सुबह से ही मरीजों की भीड़ जुटने लगी। रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को पंजीकरण खिड़की खुली तो हॉल में मरीजों का ठीक से खड़े होने को जगह भी नहीं मिल पाई। सुबह करीब 11 बजे पूरा हॉल खचाखच भरा दिखा। तीन हजार से अधिक मरीजों ने पंजीकरण कराया। कमोबेश ऐसा ही नजारा दवा वितरण खिड़कियों के आसपास देखने को मिला। ओपीडी कराके जो मरीज दवा को बढ़े, उनकी लाइनें भी पांच थीं। प्रत्येक लाइन में 40- 50 से कम मरीज नहीं थे।
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- यह बोले मरीज और तीमारदार-
- मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने में कोई खास दिक्कत नहीं आती। वह प्रात: पहुंचे और आधा घंटे बाद ही पर्चा बन गया। कॉलेज परिसर की हालत खराब है। लोग सीढि़यों पर पीक मारकर निकल जाते हैं। उसे साफ करने की जरूरत भी महसूस नहीं की जाती। - अर्जुन सिंह, दातागंज।


- बच्चे का इलाज कराने के लिए आया हूं। ओपीडी में डॉक्टर ने देखा, फिर दवा लिख दी। दवा भी कॉलेज में ही मिल गई, लेकिन मरीजों पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता। परिसर की बदहाली की ओर अफसरों को गौर करना चाहिए। - रईस अहमद, भमोरा।


- मेरे परिवार के सदस्य को ह्रदय रोग की वजह से परेशानी है। मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। गंदगी बहुत है। कर्मचारी अधिक आवाजाही वाले स्थानों पर ही ध्यान देते हैं। सीढि़यों को पीकदान बना दिया गया है। इसके लिए मरीजों के तीमारदार भी जिम्मेदार हैं।
- उमेशचंद्र अलापुर।
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- मेडिकल कॉलेज में अब पहले जैसी सुविधा नहीं है। ओपीडी से पहले डॉक्टरों का इंतजार हॉल में बैठकर करो तो स्टील की बेंच में कई टूटी हैं। कहीं फर्श उखड़ गया है तो टाइल्स टूट गई है। अधिकारियों को कॉलेज आकर हकीकत पर गौर करना चाहिए। - अगरपाल, कूड़, संभल
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अस्पताल अभी पूरी तरह से हैंडओवर नहीं हो सका है। जो भी समस्याएं है उनके बारे में शासन को अवगत कराया गया है। शासन के निर्देश पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - प्रोफेसर डॉ. अरुण कुमार, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
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सीलिंग उखड़ी मिली और बंद है ऑक्सीजन प्लांट : आदित्य
बदायूं। समाजवादी पार्टी के सांसद आदित्य यादव ने सोमवार को जिले में जेल, मेडिकल कॉलेज और जल जीवन मिशन के तहत चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सांसद ने सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है।
सांसद आदित्य यादव मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने वार्डों और पर्चा खिड़की का निरीक्षण किया। इस दौरान कई जगहों पर सीलिंग उखड़ी हुई मिली, ऑक्सीजन प्लांट चालू नहीं था और अन्य अव्यवस्थाएं सामने आईं। सांसद ने मौजूदा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह मेडिकल कॉलेज को ठीक से संचालित नहीं कर पा रही और इससे मरीजों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। जेल निरीक्षण के बाद उन्होंने बताया कि 600 क्षमता वाली जेल में 1100 से अधिक बंदी रखे गए हैं। सांसद ने कहा जेल की साफ-सफाई और व्यवस्था दुरुस्त करने की तुरंत जरूरत है। कहा कि सरकार ने नई जेल के लिए जमीन अधिग्रहित कर रखी है लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया, जबकि जरूरत बहुत पहले से है।
सांसद ने मौसमपुर, मिर्जापुर और खिरकवारी गांवों में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि योजना केवल कागजों तक सीमित है, जबकि जमीनी हकीकत पूरी तरह अलग है। निर्माण कार्यों में लापरवाही और खामियां स्पष्ट रूप से दिख रही हैं। इस मौके पर आंवला से सांसद नीरज मौर्या, सपा जिलाध्यक्ष आशीष यादव, सहसवान विधायक बृजेश यादव और शेखूपुर विधायक हिमांशु यादव भी मौजूद रहे।

राजकीय मेडिकल कॉलेज में पर्चे बनवाने को जुटे मरीज। संवाद

राजकीय मेडिकल कॉलेज में पर्चे बनवाने को जुटे मरीज। संवाद

राजकीय मेडिकल कॉलेज में पर्चे बनवाने को जुटे मरीज। संवाद

राजकीय मेडिकल कॉलेज में पर्चे बनवाने को जुटे मरीज। संवाद

राजकीय मेडिकल कॉलेज में पर्चे बनवाने को जुटे मरीज। संवाद

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