बदायूं। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय को इंटर तक उच्चीकरण के नाम पर केवल दिखावा किया जा रहा है। वहीं आठ विद्यालयों में नौवीं और दसवीं कक्षा के लिए शैक्षिक भवन नहीं है तो एक जगह अधूरा है। ऐसे में छात्राओं का भविष्य दांव पर है।
प्रदेश सरकार ने जिले के सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों का उच्चीकरण करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद 18 में से 15 विद्यालय उच्चीकृत हो भी गए। सबसे बड़ी समस्या यहां आ रही है कि कक्षा नौ और हाईस्कूल में एडमिशन लेने वाली छात्राओं को पढ़ाने के लिए किसी भी विद्यालय में शिक्षिकाएं नहीं हैं। ऐसे में यह छात्राएं किस तरह बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर पाएंगी, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
किसी-किसी विद्यालय में फर्नीचर तक नहीं
शासन के निर्देश पर विद्यालयों को उच्चीकृत करते हुए पिछले शैक्षिक सत्र से कक्षा नौ की पढ़ाई कराना शुरू कर दी थी। इसमें 360 छात्राओं ने एडमिशन लिया था। पिछले साल से लेकर अब तक किसी भी विद्यालय में सभी छात्राओं के बैठने के लिए फर्नीचर तक मुहैया नहीं हो पाया है।
इन विद्यालयों में नहीं हैं नवीं, दसवीं के लिए शैक्षणिक भवन
जिले में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय 18 हैं। अंबियापुर, आसफपुर, बिसौली, दातागंज, इस्लामनगर, उझानी, वजीरगंज, सालारपुर, दहगवां, बदायूं नगर व उझानी नगर में नवीं और दसवीं कक्षा की छात्राओं के लिए शैक्षणिक भवन नहीं बने हैं।
फर्नीचर को लेकर प्रक्रिया चल रही है, जल्द ही फर्नीचर उपलब्ध करा दिया जाएगा। शिक्षकों के बारे में शासन स्तर से ही निर्णय लिया जाएगा।
-प्रशांत गंगवार, बालिका शिक्षा जिला समन्वयक