बदायूं। राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा (एनएमएमएस) के लिए छात्र-छात्राओं में जबरदस्त उत्साह और प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। एक-एक सीट पर आठ-आठ से अधिक आवेदन आ चुके हैं। वहीं परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि पहले 24 सितंबर निर्धारित थी, लेकिन छात्र-छात्राओं की संख्या को देखते हुए शासन ने इसे बढ़ाकर अब 30 सितंबर कर दिया है।
जिले से दो हजार से अधिक छात्र-छात्राएं इस परीक्षा के लिए आवेदन कर चुके हैं, जबकि जिले के लिए मात्र 236 सीटें ही तय हैं। ऐसे में छात्रों के बीच प्रतियोगिता बेहद कड़ी हो गई है। यह स्थिति छात्रों और अभिभावकों दोनों में उत्सुकता और चिंता का कारण बनी हुई है।
राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा पास करने वाले छात्रों को शासन की ओर से 12वीं तक की पढ़ाई के दौरान हर माह एक हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है। यह छात्रवृत्ति न केवल बच्चों को आगे की पढ़ाई में आर्थिक सहयोग प्रदान करती है, बल्कि उन्हें निरंतर पढ़ाई के लिए प्रेरित भी करती है।
ग्रामीण और कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए यह योजना विशेष सहायक मानी जा रही है। परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले छात्रों का कहना है कि सीमित सीटें होने से प्रतिस्पर्धा कड़ी है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह का कहना है इस योजना से मेधावी छात्र-छात्राएं अपनी पढ़ाई पूरी करने के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम होंगे।