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एनएचएम संविदा कर्मियों की हड़ताल, टीकाकरण में बदायूं की रैंक गिरी

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सीएमओ कार्यालय पर धरना देते संविदा कर्मचारी। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। एनएचएम संविदा कर्मियों की हड़ताल के कारण कोरोना टीकाकरण में बदायूं की रैंक प्रदेश में गिर गई है। गौर करने वाली बात यह है कि रविवार तक बदायूं की प्रदेश में 10वीं रैंक थी। सोमवार से संविदा कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी। संविदा एएनएम के भी हड़ताल में शामिल होने के बाद सीधा असर टीकाकरण पर हुआ है। प्रदेश स्तर पर रैंक के मामले में शुक्रवार को बदायूं खिसककर 15वें नंबर पर आ गया है।
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उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के कर्मचारियों ने सात सूत्री मांगों को लेकर सोमवार से हड़ताल शुरू कर दी थी। मांगों के समर्थन में कर्मचारी सीएमओ कार्यालय पर धरना भी दे रहे हैं। हड़ताल में एएनएम के भी शामिल होने से समस्याएं सामने आने लगी हैं। शुक्रवार को भी कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय पर धरना दिया। अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। बृहस्पतिवार को सीएमओ डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर ने हड़ताल में शामिल एएनएम को प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी, लेकिन इसका भी कोई असर नहीं हुआ।
शुक्रवार को हड़ताली कर्मचारियों को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष केवी चतुर्वेदी ने कहा कि कर्मचारियों के प्रति सरकार का रवैया ठीक नहीं है। आरोप लगाया कि सीएमओ ने एएनएम संविदा संघ की प्रदेश संयोजिका के पत्र का फर्जी हवाला देते हुए हड़ताल को प्रभावित करने की कोशिश की है। जब तक मांगे पूरी नहीं होतीं हड़ताल जारी रहेगी। शुक्रवार को वेलफेयर पार्टी आफ इंडिया के राष्ट्रीय सचिव अजीत सिंह यादव भी हड़ताली कर्मचारियों से मिले। उनकी समस्याओं को पार्टी के घोषणा पत्र में शामिल करने का भरोसा दिया। इस मौके पर उवैस अली, एसपी सिंह, डॉ. नीरेश, डॉ. रंजन कुमार, उदय प्रताप, नाजिम, आशा, रेनू, गौरव यादव, कल्पना आदि रहे।
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टीकाकरण की रफ्तार में 30 प्रतिशत तक की गिरावट
बदायूं। एसीएमओ/नोडल अधिकारी कोरोना टीकाकरण डॉ. असलम ने बताया कि संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से टीकाकरण पर प्रतिकूल असर हुआ है। रविवार तक जहां प्रति दिन 20 हजार से ज्यादा लोगों को टीका लगाया जा रहा था वहीं अब यह आंकड़ा 12-13 हजार पर आ गया है। सामान्य दिनों के मुकाबले करीब 30 प्रतिशत टीकाकरण कम हो रहा है। इस कारण प्रदेश स्तर पर बदायूं की रैंक भी गिरी है। बदायूं टॉप 10 जिलों में पहुंच गया था, लेकिन हड़ताल के कारण पांच अंक नीचे खिसक गया है।
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