बदायूं/बिसौली। मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर बिसौली में बाईपास के लिए प्रक्रिया तेज हो गई है। बिसौली में यह बाईपास 12 किमी लंबा होगा। इस पर करीब 130 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। लोक निर्माण विभाग ने एस्टीमेट बना लिया है। इसको जांच के लिए बरेली भेजा गया है। सब ठीक रहा और शासन स्तर पर बाईपास के लिए पैरवी होती रही तो जल्द बाईपास निर्माण के लिए बजट मिल जाएगा।
बिसौली में मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे काफी संकरा हो गया है। इसके कारण नगर में दिन भर जाम की स्थिति बनी रहती है। कई बार हादसे भी होते रहते हैं। बिसौली के लोग लंबे समय से बाईपास निर्माण की मांग कर रहे थे। कई बार बाईपास के लिए कवायद तो हुई लेकिन नतीजा सिफर ही रहा। अमर उजाला ने भी पिछले दिनों लोगों की इस समस्या का प्रमुखता से उठाया था। अब एक बार फिर से बाईपास के लिए कवायद तेज हो गई है। लोक निर्माण विभाग की टीम ने स्थलीय और भौतिक सर्वे करने के साथ बाईपास को लगभग हरी झंडी दे दी है। इसके लिए एस्टीमेट बना लिया गया है। मंगलवार को एक्सईएन प्रमोद कुमार के नेतृत्व में लोक निर्माण विभाग की टीम ने बिसौली पहुंच कर बाईपास के लिए जमीन का सर्वे किया था। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग ने बाईपास के लिए भूमि भी चिह्नित कर ली है।
बिसौली में यह बाईपास सर्वा से आसफपुर रोड, मोहल्ला गदरपुरा, पिंदारा रोड, दबतोरी रोड, हत्सा होता हुआ पनौड़ी के पास हाईवे से जुडेगा। बाईपास की लंबाई करीब 12 किमी होगी और इस पर 130 करोड़ का खर्च आएगा। एस्टीमेट जांच के लिए बरेली लोक निर्माण विभाग की तकनीकी टीम को भेजा गया है। एस्टीमेट को स्वीकृति मिलने के बाद इसे शासन को भेजा जाएगा। अगर शासन स्तर पर सही ढंग से बाईपास के लिए पैरवी होती है तो उम्मीद है कि बाईपास का निर्माण भी गंगा एक्सप्रेस-वे के साथ चालू हो जाएगा।
लोक निर्माण विभाग की टीम ने किया भौतिक निरीक्षण
बाईपास के लिए लोक निर्माण विभाग की टीम ने एक्सईएन प्रमोद कुमार के नेतृत्व में जमीन के स्थलीय और भौतिक सत्यापन का काम पूरा कर लिया है। करीब 12 किमी लंबा बाईपास जिन स्थानों से होकर गुजरेगा वहां जमीन को चिह्नित कर लिया गया है। यह भी साफ हो गया है कि बाईपास फोरलेन होगा। हाईवे को जोड़ने के साथ बाईपास गंगा एक्सप्रेस-वे को भी लिंक करेगा। हालांकि काम कब से चालू होगा इस बारे में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि एस्टीमेट की जांच की जा रही है। अगर इसमें कोई संशोधन होता है तो वह जरूरत के हिसाब से किया जाएगा।
बिसौली में बाईपास के लिए कार्रवाई चल रही है। एस्टीमेट बनाने के साथ जमीन भी चिह्नित कर ली गई है। करीब 12 किमी लंबे बाईपास के निर्माण पर 130 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। एस्टीमेट बनाकर जांच के लिए बरेली भेजा गया है। उम्मीद है कि बाईपास के लिए जल्द स्वीकृति मिल जाएगी। इसके बाद काम चालू करा दिया जाएगा। - प्रमोद कुमार, एक्सईएन निर्माण खंड लोनिवि