उझानी। बैंक ऑफ बड़ौदा की मिनी शाखा में फरवरी में हुई 3.56 लाख रुपये की चोरी के मामले में मुख्यमंत्री दरबार में शिकायत के बाद भी आरोपी पकड़ में नहीं आया है। पुलिस के कागजी खुलासे पर मिनी शाखा के संचालक ने सवाल उठाए हैं। पुलिस ने बिना मुल्जिम और माल के ही घटना का खुलासा कर दिया था।
बैंक ऑफ बड़ौदा की घंटाघर परिसर स्थित मिनी शाखा में चोरी की घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। मिनी शाखा के काउंटर की गुल्लक से पांच-पांच सौ रुपये के नोटों की गड्डियां निकालते समय चोर का चेहरा भी कैद हो गया था। मिनी शाखा के संचालक मनोज गोयल ने बताया कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद चोर की तलाश में कई स्थानों पर उसके फोटो भी चस्पा कराए।
इसके बाद भी चोर पकड़ में नहीं आया तो पुलिस ने घटना का यह कहते हुए खुलासा कर दिया चोर दातागंज क्षेत्र के गांव डहरपुर का निवासी है। वह घटना के बाद गांव छोड़कर दिल्ली भाग गया है। आरोप है कि पुलिस ने खुलासा बिना किसी सबूत और निशानदेही के आधार पर किया। ऐसा नहीं होता तो फुटेज के आधार पर उसके परिजनों पर शिकंजा कसा जा सकता था।
इसे लेकर मिनी शाखा संचालक ने पुलिस अफसरों के सामने पेश होकर कई बार गुहार भी लगाई है। मनोज गोयल के शिकायती पत्र पर जवाब में पुलिस की ओर कह दिया गया कि घटना का खुलासा हो चुका है। आरोपी की गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है।
इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार मलिक का कहना है कि बैंक की मिनी शाखा में चोरी का खुलासा काफी पहले ही किया जा चुका है। घटना में एक ही चोर शामिल था। उसकी पहचान के आधार पर ही खुलासा हुआ। उसकी गिरफ्तारी और नकदी बरामदगी को कई बार दबिश भी दी गई, लेकिन वह हत्थे नहीं आया।