फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Navratri 2024: माता के दरबार से नहीं लौटता कोई खाली हाथ, इस देवी मंदिर को लेकर है यह मान्यता

Wed, 02 Oct 2024 07:15 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

बदायूं के वजीरगंज कस्बे से एक किलोमीटर दूरी पर प्राचीन श्री राज राजेश्वरी मंगला माता का मंदिर है। इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि यहां देवी मां के दर्शन मात्र से भक्तों के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। 
विज्ञापन
श्री राज राजेश्वरी मंगला माता मंदिर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बदायूं के वजीरगंज कस्बे से एक किलोमीटर दूर आंवला मार्ग पर स्थित प्राचीन मां वरदानी श्री राज राजेश्वरी मंगला माता का शैल शिखर है। पौराणिक कथाओं में इनकी अनेक गाथाएं शामिल हैं। लोगों की ऐसी मान्यता है कि यहां दर्शन लाभ से ही विभिन्न कष्टों और संकटों से छुटकारा मिल जाता है। माता मंगला देवी के दरबार से कोई भी भक्त निराश होकर नहीं लौटता। सबकी मनोकामना माता के आशीर्वाद से पूर्ण होती हैं।

विज्ञापन


मां की आराधना के लिए वैसे तो 12 महीनों भक्तजनों का तांता लगा रहता है, लेकिन सर्वश्रेष्ठ समय नवरात्र का माना गया है। नवरात्र में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु देवी मां की पूजा कर उनके चरणों मे नतमस्तक होते हैं। देवी मां से मांगी गई मनौती पूर्ण हो जाने पर श्रद्धालु चैत्र मास की त्रयोदशी और पूर्णिमा वाले दिन देवी मां की जात का आयोजन करते हैं। इस अवसर पर विशाल मेले का आयोजन भी किया जाता है। 

पुजारी राहुल ने बताया कि यह देवी मंदिर कितना प्राचीन है, इसके बारे में सटीक जानकारी नहीं है। बुजुर्गों के अनुसार 18 वीं शताब्दी में यहीं पर देवी के मठ का निर्माण हुआ तभी से इसकी मान्यता लगातार बढ़ती गई। इतिहास में यहां पर मठिया का वर्णन है। नवरात्र में यहां हजारों श्रद्धालु आते हैं। देवी मां की पूजा कर मनौती मांगते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें