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शक्ति स्वरूपा : ककोड़ा देवी मंदिर पर भक्तों की लगती है भीड़

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ककोड़ा देवी मंदिर।संवाद - फोटो : BADAUN
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कादरचौक (बदायूं)। इलाके के ककोड़ा गांव में स्थित ककोड़ा देवी मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। देवी मंदिर से झंडी जाने के बाद ही रुहेलखंड के मिनी कुंभ ककोड़ा में मेला लगता है। इस बार भी यहां नवरात्र में काफी संख्या में भक्त उमड़ रहे हैं।
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रुहेलखंड का मिनी कुंभ कहा जाने वाला मेला ककोड़ा गंगा तट पर इन्हीं देवी के नाम से लगता है। यहीं से झंडी जाकर मेले का शुभारंभ होता है। नवरात्र के दिनों में यहां काफी संख्या में भक्त आते हैं। किदवंती है कि रुहेलाओं से युद्ध में देवी का सिर कट गया था। उसके बाद भी रुहेलाओं से देवी युद्ध करती रहीं और उन्हें नष्ट कर दिया। बताते हैं कि मंदिर के कुएं में अब भी अस्त्र शस्त्र दबे हैं। मंदिर और मेले को पहचान देने के लिए नवाब अब्दुल्ला का नाम भी आदर से लिया जाता है। उनका कुष्ठ रोग भी यही रहकर सही हुआ था तो उन्होंने यहां मेला लगवाया। चैत्र पूर्णिमा पर भी मंदिर में मेले का आयोजन होता है। महंत धर्मगिरि ने बताया कि लोगों की मान्यता है कि देवी की शक्तियां आज भी विद्यमान हैं। लोगों की मनोकामना यहां पूरी होती हैं। नवरात्र में दूरदराज से लोग आते हैं। हजारों साल पुराना वट वृक्ष और कुआं भी लोग देखने आते हैं।
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