बदायूं। शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से नगर पालिका ने कुछ दिन पहले ही डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था लागू की थी। दावा किया गया था कि इससे शहर में फैली गंदगी पर नियंत्रण होगा। लोग घर के बाहर कूड़ा फेंकने से बचेंगे। शुरुआत में एक-दो दिन व्यवस्था पटरी पर रही, लेकिन अब गली-मोहल्लों में पहले की ही भांति गंदगी पड़ी दिखाई दे रही है। वहीं लोगों का कहना है कि कूड़ा उठाने ले लिए डोर-टू-डोर ई-रिक्शा चालक अपने मनमुताबिक पहुंच रहे हैं, जिससे उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा।
नगर पालिका की ओर से बीती तीन नवंबर को शहर के सभी 29 वार्ड में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन अभियान शुरू किया गया। इसके तहत सभी वार्ड में ई-रिक्शा समेत दो कर्मचारियों को लगाया गया, लेकिन शहर के मोहल्ला प्रेम नगर, मोहल्ला गांधी नगर, मोहल्ला शिवपुरम, जालंधरी सराय, नेकपुर, लोची नगला आदि मोहल्लों की कई गलियों में अब भी ई-रिक्शा नहीं पहुंच रहे हैं। इससे लोगों के घरों में कूड़े का ढेर लगने लगे हैं।
शिवपुरम निवासी मनीष का कहना है कि नगर पालिका ने अभियान शुरू करते समय साफ कहा था कि वाहन रोजाना तय समय पर आएंगे और किसी वार्ड को छोड़ा नहीं जाएगा। पर हकीकत में इसका पालन नहीं हो रहा है। बोले, कुछ क्षेत्रों में तो कूड़ा वाहन के चालक और कर्मचारियों के रवैये की भी शिकायतें सामने आई हैं।
समय का नहीं हो रहा पालन
डोर टू डोर कूड़ा उठाने वाले वाहनों का नगर पालिका की ओर से समय निर्धारित किया गया है। जिसके अनुसार सुबह सात से पूर्वाह्न 11 और शाम को तीन से छह बजे तक कूड़ा उठाया जाएगा, लेकिन कई वार्ड की गलियों में कूड़ा गाड़ी समय से नहीं पहुंच रही है। चित्रांश नगर निवासी राजेश का कहना है कि कभी कूड़ा वाहन दोपहर में एक बजे आ रहा है, तो कभी दो बजे आता है। साथ ही वाहनों पर गाने नहीं चल रहे हैं। इस वजह से लोगों को जानकारी ही नहीं होती कि वाहन कूड़ा लेने आया हुआ है। स्थिति यह है कि कई घरों में जमा कूड़ा अब बदबू फैलाने लगा है। गलियों में भी गंदगी नजर आने लगी है।
मॉनिटरिंग कमजोर होने से बढ़ रही दिक्कत
शहरवासियों का कहना है कि नगर पालिका ने यह व्यवस्था शुरू तो कर दी, लेकिन निगरानी और मॉनिटरिंग की व्यवस्था बिल्कुल कमजोर है। वार्ड बार निरीक्षण न होने के कारण कर्मचारियों की लापरवाही बढ़ रही है। कई स्थानों पर शिकायतें करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती। अवनेश, तनवीर ने मांग की है कि नगर पालिका अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करना चाहिए और कूड़ा वाहनों के लिए तय रूट व टाइमिंग को सख्ती से लागू करना चाहिए। ताकि लोग समय पर कूड़ा दे सकें।
लोगों ने बताई अपनी-अपनी परेशानी
कई दिन से तो कोई ई-रिक्शा वाला घर की तरफ नहीं आया। आज आया था, वह भी करीब डेढ़ बजे के आसपास। अब कूड़ा डालने के इंतजार में तो इस समय तक बैठे नहीं रहेंगे। ऐसे में कूड़ा एक निर्धारित स्थान पर डालने के लिए रोजाना जाना होता है। -अवधेश आचार्य, शिवपुरम, गली नंबर तीन
करीब छह-सात माह पहले घर-घर से कूड़ा उठाने वाली गाड़ी आया करती थी, कुछ दिन चलने के बाद वह बंद हो गई। तब से आज तक गाड़ी नहीं आयी है। इसकी वजह से ही लोग खाली प्लॉट में ही कूड़ा डालने के लिए जाते हैं। -योगेश, गांधी नगर
कई दिन से ई-रिक्शा रोजाना आ रहा है। हालांकि उसका कोई समय तय नहीं हैं। इससे उन्हें योजना का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। वह तो पहले की ही भांति कूड़े का निस्तारण उसे इधर-उधर डालकर कर रहे हैं। -वेद प्रकाश कश्यप, चित्रांश नगर
शहर में पहले की अपेक्षा सुधार हो रहा है। जहां पर ई-रिक्शा नहीं पहुंच रहे हैं, उनकी वजह पता करेंगे। ताकि वहां पर भी समय से ई-रिक्शा कूड़ा उठाने के लिए पहुंचें। इसको लेकर कर्मचारियों को निर्देशित किया जाएगा। -विनय कुमार मणि त्रिपाठी, ईओ नगर पालिका परिषद, बदायूं
शहर के मोहल्ला चित्रांश नगर में सड़क पर फैला कूड़ा। संवाद
शहर के मोहल्ला चित्रांश नगर में सड़क पर फैला कूड़ा। संवाद
शहर के मोहल्ला चित्रांश नगर में सड़क पर फैला कूड़ा। संवाद
शहर के मोहल्ला चित्रांश नगर में सड़क पर फैला कूड़ा। संवाद