कलक्ट्रेट में ज्ञापन देने पहुंचे एमआर। स्रोत- संगठन
बदायूं। एमआर एसोसिएशन ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बृहस्पतिवार को हड़ताल कर विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों व सदस्यों ने मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया।
हड़ताल के दौरान संगठन ने फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट (नियत अवधि रोजगार) व्यवस्था को समाप्त करने की मांग की। वक्ताओं ने इसे श्रमिकों के लिए गुलामी प्रथा जैसा बताते हुए चारों लेबर कोड को बंद करने की मांग उठाई। साथ ही एसपीई एक्ट 1976 को लागू करने, ट्रेड यूनियन अधिकारों पर हो रहे कथित हमलों को बंद करने तथा दबावपूर्वक लगाए जा रहे सभी प्रकार के जीएसटी को समाप्त करने की भी मांग की गई।
संगठन ने सरकारी अस्पतालों में कार्य करने की अनुमति देने, ई-गैजेट्स के माध्यम से निगरानी बंद करने, स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए जीडीपी का कम से कम 5 प्रतिशत बजट आवंटित करने तथा किसी भी प्रकार के उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई। इस दौरान अध्यक्ष व्यास शंखधार, कोषाध्यक्ष अभिनव शंखाधर, सह सचिव सुशांत सिंह, ईसी सदस्य सचिन शर्मा, हरित शर्मा, चेतन पाठक, सचिन उपाध्याय, आदित्य सारस्वत सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। संवाद