वजीरगंज। नगर पंचायत प्रशासन की ओर से चार साल पहले 37 लाख रुपये से बना एमआरएफ सेंटर शुरू नहीं हो सका है। नगर से प्रतिदिन निकलने वाले कूड़े का प्रबंधन नहीं हो पा रहा है। कूडा आज भी आंवला रोड पर स्थित सड़क के किनारे देवी मंदिर के रास्ते पर डाला जा रहा है। इसको लेकर मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं में नाराजगी है।
नगर पंचायत ने नगर से निकलने वाले कूड़े के प्रबंधन के लिए वर्ष 2019-20 में नगर से दो किलोमीटर दूर गांव निमठौली के पास एमआरएफ सेंटर का निर्माण कराया था। इसे बनाने में करीब 37 लाख रुपये की लागत आई थी। उम्मीद जगी थी कि अब नगर का कूड़ा निस्तारण होने लगेगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। सेंटर भी बन गया, कुछ माह बाद मशीनें भी आकर लग गईं, मगर सेंटर शुरू नहीं हो सका। कूड़ा आज भी सड़क किनारे ही डाला जा रहा है।
चार साल बाद भी बिजली कनेक्शन नहीं
सेटर चलाने के लिए बिजली का होना आवश्यक है। चार साल बाद भी नगर पंचायत प्रशासन सेंटर पर बिजली नहीं पहुंचा सका है। नए बोर्ड का गठन हुए भी 15 माह से अधिक हो चुके हैं, बावजूद इसके नगर पंचायत प्रशासन की लापरवाही का आलम यह है कि अब तक सेंटर पर बिजली का कनेक्शन तक नही हो सका है। अब देखरेख के अभाव में एमआरएफ सेंटर की बिल्डिंग जर्जर होने लगी है। जगह-जगह फर्श टूट चुका है, दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं, मगर कूड़े का प्रबंधन अब तक शुरू नहीं हो सका है।
तीन से चार ट्रॉली कूड़ा निकलता है हर रोज
नगर से प्रतिदिन तीन से चार ट्रॉली कूड़ा निकलता है। जिसे आंवला रोड पर देवी मंदिर जाने वाले रास्ते के दोनों ओर डाला जा रहा है। गंदगी के ढेर से लोगों का निकलना दुष्वार है। ढेरों से उठने वाली बदबू से मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कुछ ही दिन बाद नवरात्र शुरू होने वाले हैं। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु मातारानी के दर्शन के लिए आएंगे। ऐसे में सड़क के दोनों ओर डाले जाने वाले कूड़े को लेकर उनमें खासा रोष है।
बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर दिया है, फीस भी जमा हो गई है। जल्द ही कनेक्शन मिलने की उम्मीद है। इसके बाद सेंटर का संचालन करा दिया जाएगा- अखिलेश दीक्षित, ईओ वजीरगंज
आंवला रोड देवी मंदिर के रास्ते पर लगे कूड़े के ढेर। संवाद