बदायूं। जिले में हर रोज 40 से 50 मरीज मलेरिया संक्रमित निकलने लगे हैं। जुलाई तक जिले में सात से आठ मरीज ही सामने आ रहे थे। अचानक मलेरिया के मरीजों की संख्या बढ़ने से विभाग ने भी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। बुखार पीड़ित की मलेरिया जांच के बाद ही दवा दी जा रही। वहीं गांव-गांव सफाई कराने को भी डीपीआरओ ने प्रधानों को सचेत किया है।
जिले में 1037 ग्राम पंचायतें हैं। गांवों में मच्छर मारने के लिए दवा का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। इसलिए मलेरिया के मरीज बढ़ने लगे हैं। जुलाई के अंत से शुरू होकर अक्तूबर तक मलेरिया कहर बरपाता है। इस बार जून माह में ही मच्छर डंक मारने लगे। यही कारण है कि जून व जुलाई महीने में 520 लोगों में मलेरिया संक्रमण फैल गया। अगस्त के 12 दिन में 174 लोग मलेरिया संक्रमित पाए गए हैं।
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मलेरिया होने पर 14 दिन खानी होती है दवा
मलेरिया अधिकारी डॉ. योगेश सारस्वत ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति मलेरिया से संक्रमित हो जाता है तो उसको सीएचसी से 14 दिन की दवा फ्री में दी जाती है। गांव की आशा उसकी निगरानी करती है। दवा पूरी होने पर दोबारा जांच कराई जाती है। मलेरिया निगेटिव आता है तो उसको दवा बंद कर दी जाती है। मलेरिया पीवी से अधिक खतरा नहीं होता, जबकि पीएफ मलेरिया में दवा समय से न लेने पर रोग जानलेवा भी हो सकता है।
गांव स्तर पर यह है लापरवाही
पंचायती राज विभाग को गांव-गांव सफाई करानी है, लेकिन आबादी की तुलना में कर्मचारी कम हैं। सफाई और कीटनाशक का छिड़काव नहीं कराया जाता है। मलेरिया विभाग की टीम तो तभी पहुंचती है जब वहां पर मलेरिया संक्रमित मिल जाता है।
इनकी भी है जिम्मेदारी
पंचायती राज के अलावा कृषि, बेसिक शिक्षा, नगर विकास, बाल विकास, ग्राम्य विकास, चिकित्सा, सिंचाई, पशुपालन, दिव्यांग जन सशक्तीकरण, सूचना एवं जन पर्क, वाणिज्यकर, नमामि गंगे तथा जल निगम तथा शिक्षा विभाग के ग्राम स्तरीय कर्मचारियों को जागरूकता और जिला स्तरीय अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ संक्रामक रोग रोकने की जिम्मेदारी दी गई है।
मलेरिया विभाग के पांच साल के आंकड़े
वर्ष जांच संक्रमित
2019 157248 20339
2020 252745 11987
2021 157294 1665
2022 2,70377 1373
2023 3,72,684 3224
2024 4,13,530 3680
2025 अब तक 4000 संक्रमित 750
विभाग पूरी तरह से अलर्ट है। शहर में लगातार फॉगिंग कराई जा रही है। मलेरिया के मरीज बढ़ने शुरू हो गए हैं। मरीजों का फालोअप किया जा रहा है। संक्रमित मरीज के घर के आस पास समेत पूरे गांव में छिड़काव कराया जा रहा है। साफ-सफाई को पंचायती राज विभाग को समय-समय पर पत्र भेजा जाता है। - डॉ. योगेश सारस्वत, मलेरिया अधिकारी