फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budaun News: जिला अस्पताल में एक छत के नीचे होंगी 100 से अधिक जांच

विज्ञापन
जिला अस्पताल में बनी आईपीएचएल लैब। संवाद
विज्ञापन
बदायूं। जिला अस्पताल में इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब खुलने से अब मरीजों को जांच के लिए इधर-उधर भागने की जरूरत नहीं होगी। इस लैब में वायरोलॉजी, बैक्टीरियोलॉजी, प्रोटिस्टोलॉजी, माइक्रोलॉजी, इम्याूनोलॉजी, पैरासाइटोलॉजी समेत 100 प्रकार की जांच होंगी। साथ ही बीमारियों की रिपोर्ट भी 24 घंटे के अंदर मरीजों को उपलब्ध कराई जाएगी।
विज्ञापन


राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब बनाई गई है। इसको कार्यदायी संस्था ने स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर दिया है। जिला अस्पताल में अस्थायी रूप से संचालित लैब में अभी लिवर, शुगर, यूरिन, मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड समेत करीब 50 तरह की जांचें हो रहीं हैं। अब इस लैब को इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ (आईपीएचएल) लैब में शिफ्ट किया जाएगा। जिला अस्पताल प्रशासन के अनुसार इसमें करीब एक सप्ताह का समय लगेगा।

यह होंगी जांचें
आरटी पीसीआर, वीडीआरएल टेस्ट, विडाल टेस्ट, टाइफिडॉट टेस्ट, डेंगू, डेंगू आईजीएम टेस्ट, डेंगू एनएस 1 एंटीजन टेस्ट, एचआईवी परीक्षण, हेपेटाइटिस सी वायरस टेस्ट, एचआईवी वायरल लोड टेस्ट, जीका वायरस, एसटीईसी, लीवर, शुगर, यूरिन, मलेरिया, टाइफाइड समेत 100 तरह की जांच होगी।
विज्ञापन


आईपीएचएल में सभी के लिए अलग जगह
जिला अस्पताल में बनी इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब में मरीजों को बैठने के लिए वेटिंग एरिया बनाया गया है। इसके अलावा आगंतुक कक्ष, सैंपल कलेक्शन कक्ष अलग तैयार किया गया है। इस कक्ष में मरीज ही अंदर जाएगा। इसके अलावा पैथोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी के लिए अलग-अलग जगह का निर्धारित की गई है। वहीं, वाशिंग एरिया भी अलग बनाया गया है।

मरीजों को मिलेगी राहत
इस लैब के संचालित होने के बाद मरीजों को खुले आसमान के नीचे लाइन में नहीं लगना होगा। नई लैब में उनके बैठने के लिए कुर्सी की भी व्यवस्था की गई है। साथ ही पर्चा बनवाने और जांच कराने के लिए मरीजों को अलग-अलग बिल्डिंग में जाने की जरूरत नहीं होगी।

कार्यदायी संस्था ने 80 लाख रुपये से निर्मित लैब को हैंडओवर कर दिया है। नव निर्मित इंट्रीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब का चार्ज डॉक्टर जीके गुप्ता को दिया गया है। अस्थायी जगह चल रही लैब को करीब एक सप्ताह में स्थायी जगह में शुरू करा दिया जाएगा। -डॉ. अमित वार्ष्णेय, सीएमएस, जिला अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें