सुरक्षा के लिए आधुनिकीकरण को कलक्ट्रेट में लगने लगे सीसीटीवी कैमरे
डीएम, एडीएम, एसडीएम और तहसीलदार आने-जाने वालों को देखते रहेंगे
गेट से लेकर विभिन्न प्रमुख मार्गों को सीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा गया है। यह कैमरे हर आने जाने वालों का राजफाश करते नजर आएंगे। सुरक्षा की दृष्टि से कलक्ट्रेट में सीसी टीवी कैमरे लगने शुरू हो गए हैं। वहीं हर तहसील में इसी प्रकार कैमरे लगाए जाएंगे।
कलक्ट्रेट के विशाल कैंपस में निगरानी को 16 सीसी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इसके बाद तहसील मुख्यालयों पर भी इसी प्रकार की व्यवस्था की जानी है। बताया जाता है कि सुरक्षा और राजस्व भवनों के आधुनिकीकरण का काम शुरू हो चुका हे। इसके तहत ही ये कैमरे लगवाए जाने का काम शुरू हो चुका है।
यहां बता दें कि इन राजस्व भवनों की सुरक्षा इसलिए भी जरूरी है कि आए दिन यहां से बाइकें चोरी होती रही हैं। वाहनों की चोरी पर लगाम लगेगी, वहीं धरना-प्रदर्शन में हथियारबंद लोगों के कैंपस में घुसने पर उनकी निगरानी हो सकेगी। इसके द्वारा वीडियो की रिकार्डिंग तो होगी ही, कलक्ट्रेट में डीएम और एडीएम के कार्यालय में दोनों अधिकारियों के समक्ष पूरे कैंपस की दिनभर के क्रिया-कलाप भी ऑन स्क्रीन होंगे।
कलक्ट्रेट में पिछले डेढ़ दशक में हुई कईं घटनाएं
बदायूं। पिछले डेढ़ दशक का रिकार्ड देखें तों एक पार्टी विशेष के नेताओं द्वारा शस्त्र कार्यालय पर तोड़फोड़ और आगजनी जैसी घटना भी हो चुकी है, यही नहीं प्रदर्शन के दौरान डीएम कार्यालय को भी निशाना बनाया गया। तोड़फोड़ भी की गई। यहीं नहीं आए दिन कैंपस में बाहरी लोगों द्वारा विवाद करने और असलहे लेकर आने के कई मामले रहे हैं। आपदा प्रबंधन और एडीएम कार्यालय से कंप्यूटर चोरी के अलावा साइकिल, बाइक आदि वाहन भी चोरी गए हैं। सीसीटीवी कैमरे लगे होने के कारण इन वारदातों पर नजर रहेगी।
कलक्ट्रेट और तहसील मुख्यालयों के आधुनिकीकरण और सुरक्षा दोनो बातें ध्यान में रखते हुए सीसीटीवी कैमरों को लगाया जा रहा है। इससे बाहरी और अपने लोग निगरानी में रहेंगे। इनके द्वारा सुरक्षा का कवच पूरे कैंपस को मिल जाएगा।
- अशोक कुमार श्रीवास्तव, एडीएम प्रशासन