बोले मोदी हेलीकॉप्टर की बजाए सड़क से आते तो विकास जरूर देखते
बदायूं के पिछड़ेपन के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वार पर बदायूं सांसद धर्मेंद्र यादव ने शनिवार को ही पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री हेलिकॉप्टर के बजाय सड़क मार्ग से आए होते तो उनको बदायूं का विकास जरूर दिखाई देता। जिले में कितनी सड़कें पड़ी हैं और मेडिकल कालेज की स्थापना समेत कितने काम हुए हैं, ये उनको नजर आ जाते। सांसद ने कहा कि नरेंद्र मोदी बदायूं जिले के पांच सौ गांवों में बिजली देने की बात कह रहे हैं। सच यह है कि इन गांवों को उन्होंने बिजली दिलाई है। इसके लिए धनराशि की स्वीकृति भाजपा की सरकार में नहीं बल्कि यूपीए सरकार में हुई थी।
बदायूं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दोपहर जनसभा के बाद शाम को सांसद धर्मेद्र यादव ने सहसवान स्थित सपा कार्यालय पर पत्रकार वार्ता बुलाई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री तीन साल से केवल सवाल पूछ रहे हैं, जवाब नहीं दे रहे। जनता से किए गए वादे भी मोदी को याद नहीं है। मोदी ने 2014 में प्रतिवर्ष दो करोड़ लोगों को रोजगार देने का वादा किया था, जो तीन साल में भी पूरा नहीं हो सका। नोटबंदी से पांच करोड़ लोग बेरोजगार हो गए हैं और 100 से अधिक लोग अपनी जान गवां चुके हैं। चार माह तक लोग बैंकों की लाइन में लगे रहे। धर्मेंद्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री के सवालों का जवाब बदायूं की जनता देगी। 2012 में बदायूं में भाजपा का खाता नहीं खुला था और 2017 में भी नहीं खुलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कानून व्यवस्था का भय दिखाकर प्रदेश की महिलाओं को भयभीत करना चाहते हैं। भाजपा शासित राज्यों में यूपी से ज्यादा अपराध है। बदायूं में पांच साल में कितना विकास हुआ है, इसकी तस्वीर देखने के लिए मोदी को सडक मार्ग से आना चाहिए था तो देखते उन्हें बदायूं में मेडीकल कॉलेज भी दिखता और सडकों की बेहतरीन हालत भी। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बदायूं को बरेली और गुन्नौर तक 100 किलो मीटर का फोर लेन रोड दिया है। इसके अलावा प्रदेश में 45 जिलों को फोर लेन से जोडा गया है। जिले में 21 से ज्यादा नए बिजली घर भी बनवाए हैं। सांसद ने कहा क प्रदेश की सपा सरकार ने 2012 के घोषणा पत्र के सभी विकास कार्यो को समय से पूर्व ही पूरा कर दिया। गुजरात में आज भी एक्सप्रेस वे, मेट्रो जैसी सुविधा नहीं है। आबिद रजा से विवाद के मामले में सांसद ने कहा कि आबिद चूंकि सार्वजनिक तौर पर अपनी गलती महसूस कर चुके हैं इसलिए अब इस विवाद को कोई मतलब नहीं रह गया है।