बदायूं। बरेली-मुरादाबाद खंड एमएलसी पद के चुनाव के लिए मंगलवार को जिले में 10 मतदान केंद्रों पर कड़े सुरक्षा बंदोबस्त के बीच मतदान किया गया। इस दौरान 72.33 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। जिले के कुल 3275 मतदाताओं में से 2369 ने अपने वोट डाले। सुबह आठ से शाम पांच बजे तक मतदान हुआ। सभी मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से मतदान संपन्न होने के साथ चुनाव मैदान में किस्मत आजमा रहे 15 प्रत्याशियों का भाग्य मतपेटियों में कैद हो गया है। मतदान के दौरान डीएम कुमार प्रशांत, एसएसपी संकल्प शर्मा ने मतदाता केंद्रों का निरीक्षण किया।
बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक एमएलसी क्षेत्र के नौ जिलों में बदायूं भी शामिल है। बदायूं में कुल 3275 मतदाता हैं। इनमें 1073 महिला और 2202 पुरुष मतदाता शामिल हैं। सपा के संजय मिश्रा, भाजपा के हरी सिंह ढिल्लो, दो पूर्व एमएलसी सुभाष चंद्र शर्मा, रामबाबू शास्त्री और कांग्रेस के मेहंदी हसन समेत 15 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। जिले में मंगलवार को हुए मतदान के लिए 10 मतदान केंद्र बनाए गए थे। कोरोना गाइड लाइन के अनुसार सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक मतदान कराया गया। इस दौरान 3275 में से 2369 मतदाताओं ने मताधिकार का इस्तेमाल किया। सुबह को मतदान काफी धीमी रफ्तार से शुरू हुआ, लेकिन दोपहर होने के साथ ही मतदान की रफ्तार अपेक्षाकृत तेज हो गई। शाम तीन बजे के बाद गिने-चुने मतदाता ही मतदान करने पहुंचे। शांतिपूर्ण मतदान के बाद पुलिस-प्रशासन ने सुकून की सांस ली है। मतदान के बाद सभी प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।
एक-एक वोट के लिए प्रत्याशियों में रही सेंधमारी
बदायूं। बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक एमएलसी क्षेत्र में दोनों मंडलों के नौ जिले आते हैं। बदायूं की बात की जाए तो यहां मुख्य मुकाबला सपा के मौजूदा एमएलसी संजय मिश्रा और भाजपा के हरी सिंह ढिल्लो के बीच माना जा रहा है। हालांकि, चुनाव मैदान में पूर्व एमएलसी सुभाष चंद्र शर्मा, रामबाबू शास्त्री और कांग्रेस के मेहंदी हसन समेत 15 प्रत्याशी भी डटे थे।
मंगलवार को मतदान शुरू होने के बाद सुबह से ही प्रत्याशियों के स्थानीय प्रतिनिधि शिक्षकों को अपने प्रत्याशी के पक्ष के मतदान कराने को सेंधमारी करते रहे। चुनाव परिणाम अपने पक्ष में करने के लिए सपा और भाजपा ने पूरा जोर लगा दिया। भाजपा ने तो जिला स्तर से लेकर बूथ स्तर तक तैयारी की थी। पार्टी के सभी पदाधिकारी, सांसद और विधायक भी हरी सिंह ढिल्लो की जीत पक्की करने में जुटे हुए थे। दूसरी ओर मौजूदा एमएलसी संजय मिश्रा को भी कम नहीं आंका जा रहा। दरअसल, चुनाव के लिए कैंपेन शुरू होने के साथ ही सपा ने वित्तविहीन शिक्षण संस्थानों के मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए लामबंदी शुरू कर दी थी। सपा सरकार में वित्तविहीन शिक्षकों के लिए शुरू की गईं योजनाएं, मानदेय आदि का हवाला देकर कई वायदे भी किए। जिले में कुल 3275 मतदाताओं में करीब दो हजार मतदाता वित्तविहीन शिक्षण संस्थाओं के हैं।
सपा प्रत्याशी संजय मिश्रा के प्रतिनिधि नीरज शर्मा का कहना है कि उनके प्रत्याशी की जीत पक्की है। वित्तविहीन शिक्षकों ने उनके पक्ष में मतदान किया है। वहीं भाजपा प्रत्याशी हरी सिंह ढिल्लो के प्रतिनिधि शारदकांत का कहना है कि वित्तविहीन और वित्तपोषित सभी संस्थाओं के मतदाताओं ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया है। भाजपा की जीत सुनिश्चित है। इधर, अन्य प्रत्याशी भी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।
वित्तपोषित मतदाताओं ने दिखाई बेरुखी
मंगलवार को हुए शिक्षक एमएलसी पद के लिए मतदान में वित्तपोषित मतदाताओं ने बेरुखी दिखाई। दरअसल, रविवार को सार्वजनिक और सोमवार को प्रकाश पर्व का अवकाश होने के बाद मंगलवार को भी मतदान दिवस पर शिक्षण संस्थाओं में अवकाश था। राजकीय और वित्तपोषित शिक्षण संस्थाओं के जो मतदाता दूसरे जिलों के हैं और उनकी तैनाती बदायूं में है। उनमें ज्यादातर मतदाता तीन दिन का अवकाश होने के कारण शनिवार को ही काम निपटाने के बाद अपने-अपने घरों को चले गए थे। माना जा रहा है कि अवकाश के कारण ही वित्तपोषित संस्थाओं के काफी कम मतदाताओं ने मताधिकार का इस्तेमाल किया है।
मतदान का प्रतिशत घंटों में
10 बजे तक 6.75 प्रतिशत
12 बजे तक 27.58 प्रतिशत
02 बजे तक 56.24 प्रतिशत
04 बजे तक 69.62 प्रतिशत
05 बजे तक 72.33 प्रतिशत