महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर
उन्होंने कहा कि महिलाओं को बजट में केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास की धुरी माना गया है। स्वयं सहायता समूहों को उद्यमिता से जोड़ने, प्रत्येक जनपद में बालिका छात्रावास की व्यवस्था तथा शिक्षा और कौशल विकास से जुड़े प्रावधान महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएंगे।
युवा, शिक्षा और कौशल विकास
युवाओं के लिए देशभर के 15 हजार विद्यालयों और 500 महाविद्यालयों में एनीमेशन, गेमिंग और वीएफएक्स जैसी आधुनिक तकनीक आधारित प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी, जिससे युवा भविष्य की तकनीकी नौकरियों के लिए तैयार होंगे और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
उद्योग, एमएसएमई और रोजगार
गुलाब देवी ने बताया कि 10 हजार करोड़ रुपये का एमएसएमई विकास कोष स्थापित किया गया है, जिससे कुटीर उद्योग, हस्तशिल्प, हथकरघा, चमड़ा और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों को मजबूती मिलेगी। 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टरों के आधुनिकीकरण से परंपरागत उद्योगों को नई तकनीक और वैश्विक बाजार से जोड़ा जाएगा।
स्वास्थ्य, पर्यटन और उत्तर प्रदेश को लाभ
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में 36 जीवनरक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क में छूट से इलाज सस्ता होगा। धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 10 हजार टूर गाइड को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट उत्तर प्रदेश के लिए विशेष रूप से लाभकारी है। हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, राष्ट्रीय राजमार्ग, लॉजिस्टिक हब और गंगा जलमार्ग परियोजनाओं से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और पूर्वांचल व बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों का समग्र विकास होगा।