नये मेन्यू के तहत प्रत्येक बुधवार को बेसिक स्कूलों के बच्चों को दूध और कोफ्ता-चावल दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं। 15 जुलाई से यह लागू हो गया है किंतु जिले के ज्यादातर स्कूलों में बच्चों को दूध नहीं मिल रहा है। इसके पीछे परिषदीय स्कूलों के अधिकांश प्रधानाध्यापकों का कहना है कि बुधवार को दूध की डिमांड अधिक बढ़ जाने के कारण दूध नहीं मिल पा रहा है। साथ ही कन्वर्जन कास्ट भी नहीं बढ़ाई गई है जिसकी वजह से बच्चों को दूध उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। प्रधानाध्यापकों ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को 200 ग्राम दूध दिए जाने के निर्देश हैं। बाजार में दूध 40 रुपये किलोग्राम बिक रहा है, जबकि कन्वर्जन कास्ट पुरानी ही है जिसमें 100 ग्राम दूध ही मिल पाएगा। इधर, एमडीएम में अक्सर गड़बड़ी की शिकायतें आती हैं। जिसकी वजह से अब खाद्य सुरक्षा विभाग को स्कूलों में जाकर एमडीएम के नमूने लेने की जिम्मेदारी दी गई है।
नये मेन्यू के अनुसार जिले के लगभग 30-40 फीसदी तक स्कूलों में बच्चों को दूध दिया जा रहा है। ऐसी रिपोर्ट प्राप्त हो रहीं हैं।
-हिना खां, समन्वयक एमडीएम सेल
पिछले दिनों हमारी टीम ने बिल्सी क्षेत्र के गांव निजामपुर स्थित प्राइमरी स्कूल में दूध का नमूना लिया था। जांच को भेजा गया है। स्कूलों में बनने वाले भोजन और दूध का निरंतर नमूना लिया जाता रहेगा। ताकि बच्चों को शुद्ध भोजन और दूध मिल सके।
- संजय शर्मा, अभिहीत अधिकारी, खाद्य सुरक्षा विभाग,बदायूं
सभी परिषदीय स्कूलों के बच्चों को दूध मिलेगा। जिले में आज लगभग 88 फीसदी बच्चों को दूध दिया गया है। यदि कहीं पर बच्चों को दूध नहीं दिया जाता है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। जल्दी ही सभी व्यवस्थाओं में सुधार आता दिखाई देगा।
-आनंद प्रकाश शर्मा,बीएसए