खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम अब संचालक से पता कर रही है कि वह नकली सामान की आपूर्ति कहां-कहां किया करता था। उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी, ताकि नकली घी आम जनता के पास जाने से रोका जा सके। नकली घी खाने से मानव शरीर को दिक्कत हो सकती है। छापामार कार्रवाई के दौरान अभिहीत अधिकारी विनीत कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी सौरभ सोनी, वरुण कुमार, खुशीराम आदि मौजूद रहे।
कैसे तैयार हो रहा था नकली घी
जांच टीम के अनुसार, डेयरी में रिफाइंड और पामोलिन ऑयल में अन्य सामग्री मिलाकर उसे देसी घी का रूप दिया जा रहा था। मौके पर मिले उपकरण और कच्चा माल इस बात की ओर इशारा करते हैं कि यहां बड़े स्तर पर मिलावटी घी तैयार कर बाजार में सप्लाई किया जा रहा था। अब प्रयोगशाला की रिपोर्ट से मिलावट की अंतिम पुष्टि होगी। इस कार्रवाई के बाद जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों के कारोबार पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
सहायक खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वितीय के सीएल यादव ने बताया कि जो चीजें वहां मौके पर मिलीं, उसको देखकर प्रथम दृष्टया लग रहा है कि यहां पर नकली घी बनाने का काम चल रहा था। सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जांच अभी जारी है।