संजय श्रीवास्तव
बदायूं। मानसिक मंदितों के तीमारदारों के लिए यह एक अच्छी खबर है। अब मानसिक मंदितों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। जांच और इलाज की सुविधा जिला अस्पताल में मिलेगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में मानसिक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ खोला जाएगा। जहां मानसिक मंदित मरीजों की जांच और ओपीडी में इलाज होगा। मरीज को भर्ती करने की दशा में ही हायर सेंटर भेजा जाएगा। इसके अलावा यहीं से दिव्यांगो को प्रमाणपत्र जारी होंगे।
बदायूं जिला अस्पताल में मानसिक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ खोलने की जगह चिह्नित करने के साथ ही मानसिक चिकित्सक की तैनाती भी कर दी गई है।
अभी मानसिक मंदितों का इलाज मानसिक चिकित्सालय में होता है। जिस जिले में मानसिक चिकित्सालय नहीं हैं वहां के मरीजों को इलाज के लिए बरेली, आगरा और रांची ले जाना पड़ता है। अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना की नेशनल मेंटल हेल्थ योजना के तहत प्रत्येक जिला अस्पताल में एक नया मानसिक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ खोला जाएगा। जहां सिर्फ मानसिक मंदितों की जांच होगी और दवाएं दी जाएंगी। जांच के दौरान मरीज को भर्ती करने की आवश्यकता होगी तब हायर सेंटर रेफर किया जाएगा।
मानसिक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ खोलने संबंधी शासन स्तर से दिशा निर्देश सभी जिलों के सीएमओ को भेजे जा चुके हैं। इसके लिए शासन की ओर से बजट भी जारी किया जा चुका है। बदायूं जिला अस्पताल में जगह चिह्नित कर ली गई है। शासन ने यहां मानसिक चिकित्सक मानसिंह और एक थेरेपिस्ट की तैनाती भी कर दी है। बाकी कर्मचारियों की भर्ती भी शासन स्तर से की जाएगी।
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27 लाख का बजट जारी
एनएचएम से मानसिक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ खोलने के लिए बदायूं जिले को 27 लाख का बजट जारी किया गया है। इससे मानसिक मंदितों की जांच के लिए उपकरण और दवाएं खरीदी जाएंगी। मरीजों की जांच के लिए बनाई जाने वाली प्रयोगशाला आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगी। डॉक्टर के चैंबर अलग होंगे।
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कोट....
एनएचएम योजना के तहत जिला अस्पताल में मानसिक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ खुलेगा। इसके लिए जगह चिह्नित कर ली गई है। मानसिक चिकित्सक की तैनाती हो चुकी है। बाकी स्टाफ की नियुक्ति लखनऊ से होगी। उपकरण और दवाएं भी जल्द उपलब्ध करा दी जाएंगी। बजट भी जारी हो चुका है। शासन से मिली गाइड लाइन के अनुसार प्रकोष्ठ को स्थापित करने की तैयारी तेजी से चल रही है। इस प्रकार के प्रकोष्ठ प्रदेश के अन्य जिलों में स्थापित किए जाएंगे।
- डॉ. नेमी चंद्रा, सीएमओ