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मात्र 11 फीसदी ही हो पाई धान खरीद

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धान खरीद केंद्र - फोटो : डेमो
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बदायूं। जिले में सरकारी क्रय केंद्रों पर धान खरीद का हाल बहुत खराब है। पांच विभागों के 30 सेंटरों पर मात्र 11.35 फीसदी ही धान खरीद हो पाई है। अनेक कमियां बताकर किसानों को वापस कर दिया जा रहा है। मजबूरन वे आढ़तों पर धान बेच रहे हैं।
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किसान दिन रात मेहनत कर फसलों को पैदा करता है। जब उनके बिकने का नंबर आता है तो सरकारी मशीनरी भी धोखा दे देती है। शासन की ओर से धान खरीद की शुरुआत 25 सितंबर से हुई। अब दो महीने से अधिक का समय होने के बावजूद विभाग की ओर से मात्र 11.37 फीसदी धान की खरीद हुई है।
सरकार की ओर से इस बार धान कामन का मूल्य 1550 रुपये रखा गया है तो धान सुपर फाइन का 1590 रुपये। वहीं अगर किसान उतराई, छनाई और सफाई खुद करता है, तो उसे धान का मूल्य के अलावा 15 रुपये अतिरिक्त दिए जा रहे हैं।
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प्रमुख सचिव की ओर से प्रत्येक जिले में दो दिसंबर से धान खरीद के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जो 15 दिसंबर तक चलेगा। इसके तहत सभी एसडीएम और सबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए है।
खाद्य विपणन विभाग की ओर से छह क्रय केंद्र खोले गए हैं। शासन की ओर से खरीद का लक्ष्य 20 हजार मीट्रिक टन रखा गया है। यहां अब तक 482.22 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है। पीसीएफ की ओर से 13 क्रय केंद्रों खोले गए हैं। लक्ष्य 20 हजार मीट्रिक टन है। यहां 6482 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है। यूपी एग्रो की ओर से तीन केंद्र खोले गए हैं। यहां 19 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य है। यहां 1621.16 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है। वहीं एसएफसी के पांच क्रय केंद्र है। 20475 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य है। मात्र 19.20 मीट्रिक टन धान की खरीद ही हो पाई है। भारतीय खाद्य निगम के तीन क्रय है। लक्ष्य 28 सौ मीट्रिक टन है, पर 734.60 मीट्रिक टन ही खरीद हो सकी है। इस प्रकार अब तक 9341.41 मीट्रिक टन धान ही खरीदा जा सका है।
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दो दिन रखा रहा धान
किसान राम सिंह ने बताया कि मंगलवार को क्रय केंद्र पर धान लेकर पहुंचे, लेकिन गुरुवार सुबह दस बजे तक कोई खरीदने के लिए नहीं पहुंचा। बाद में अधिकारी आए। जिसके बाद में खरीद शुरूहो सकी।
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कर्मचारियों ने किया मना
किसान खेमकरन ने बताया कि दातागंज के क्रय केंद्र पर गया था, लेकिन वहां पर तैनात कर्मचारी ने धान खरीदने से मना कर दिया। उनका कहना था कि धान मानक के अनुरूप नहीं है। बाद में आढ़तियों ने तुरंत धान खरीद लिया।
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वर्जन---
जिले में मोटा धान कम होता है। इस वजह से खरीद में दिक्कत आ रही है। जिलेभर में सबसे ज्यादा दातागंज क्षेत्र में धान होता है। इस लिए वहां पर सबसे अधिक धान क्रय केंद्र खोले गए हैं। ताकि किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने पाए।
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- राघवेंद्र प्रताप सिंह
जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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