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छह माह से नहीं मिला वेतन तो ताला डालकर हड़ताल पर बैठ गया पैरामेडिकल स्टाफ

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बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में तैनात पैरामेडिकल स्टाफ को पिछले छह महीने से वेतन नहीं मिला है। इससे आक्रोशित स्टाफ बुधवार सुबह से ही हड़ताल पर बैठ गया और ओपीडी के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर दी। इससे मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पैरामेडिकल कर्मचारी सुबह आठ बजे से साढ़े 11 बजे तक हड़ताल पर बैठे रहे। बाद में मौके पर आए प्राचार्य ने हड़ताल पर बैठे स्टाफ को पांच मार्च तक वेतन मिल जाने की बात कही, जिसके बाद हड़ताल खत्म कर दी।
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बदायूं- उझानी रोड पर गुनौरा वाजिदपुर के पास बने राजकीय मेडिकल कॉलेज में इस वक्त 250 कर्मचारियों का पैरामेडिकल स्टाफ है, जिनको पिछले छह माह से वेतन नहीं मिला है। इसकी वजह से इनके आगे आर्थिक संकट गहरा गया है। स्टाफ ने कई बार अधिकारियों से वेतन दिलाने की मांग की, लेकिन वेतन नहीं मिल पाया। इसको लेकर स्टाफ ने पिछले दिनों प्राचार्य को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने कहा कि अगर 25 फरवरी तक वेतन नहीं मिला, तो 26 से पैरामेडिकल स्टाफ हड़ताल पर चला जाएगा। इस दौरान जो भी परेशानी मरीजों को होगी, उसकी जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन की होगी। 25 फरवरी की शाम तक वेतन नहीं मिलने पर बुधवार सुबह आठ बजे से पैरामेडिकल स्टाफ ने हड़ताल शुरू कर दी। इस दौरान स्टाफ ने ओपीडी के मुख्य गेट का ताला लगा दिया। इस वजह से मरीज भी ओपीडी के बाहर ही भटकते नजर आए। करीब साढ़े 11 बजे प्राचार्य ने पैरामेडिकल स्टाफ की समस्याओं को सुनते हुए उसके निदान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पांच मार्च तक सभी का वेतन मिल जाएगा। जिसके बाद में हड़ताल खत्म हो गई और सभी अपने काम पर लौट गए।
हड़ताल होने की वजह से भर्ती मरीजों को हुई परेशानी
बदायूं। हालांकि पैरामेडिकल स्टाफ की हड़ताल पहले से ही प्रस्तावित थी। इसके बारे में कॉलेज के सभी स्टाफ को जानकारी थी। इसके चलते मेडिकल कॉलेज में सुबह और शाम दो शिफ्ट में काम करने वाले पैरामेडिकल स्टाफ भी सुबह ही अस्पताल पहुंच गया। सुबह आठ बजे ड्यूटी की शिफ्ट बदलने के समय भी स्टाफ हड़ताल पर आ गए। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों को हुई, क्योंकि आठ बजे के बाद में उनको देखने वाला कोई भी नर्सिंग स्टाफ वार्ड में तैनात नहीं था। ऐसे में अनान फानन में जूनियर डॉक्टर्स की ड्यूटी वार्ड में लगाई गई, लेकिन वार्ड में स्थित अलमारियों की चाबियां पैरामेडिकल स्टाफ के पास थी, जिनमें मेडिसिन रखी हुई थी, ऐसे में डॉक्टर्स भी खुद को असहाय महसूस कर रहे थे।
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दवा काउंटर पर पसरा रहा सन्नाटा
बदायूं। पैरामेडिकल स्टाफ के हड़ताल पर रहने की वजह से दवा काउंटर भी सन्नाटा पसरा रहा। साढ़े 11 बजे के बाद खत्म हुई हड़ताल के बाद में ओपीडी खोली गई, जिसके बाद में डॉक्टर अपने-अपने कक्षों में बैठे और मरीजों को देखना शुरू किया। हड़ताल की वजह से काफी संख्या में मरीज घर भी लौट गए।
पैरामेडिकल स्टाफ को पिछले छह माह से वेतन नहीं मिला है। इसको लेकर प्रमुख सचिव से बात हो गई है। जल्द ही स्टाफ को वेतन मिल जाएगा। इसके बारे में सभी को बता दिया है। इसके बाद में हड़ताल को समाप्त कर दिया गया। सभी कर्मचारी काम पर वापस लौट गए।
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- डॉ. आरपी सिंह, प्राचार्य
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