बदायूं। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। जिला अस्पताल में डिप्लोमा ऑफ नेशनल बोर्ड (डीएनबी) कोर्स शुरू किया जाएगा। शासन ने इसके लिए औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। शुरुआती चरण में दो सीटों को मंजूरी दी गई है। इस कोर्स की शुरुआत से जिले में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी काफी हद तक दूर हो सकेगी।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि लंबे समय से विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी महसूस की जा रही थी। इसी को देखते हुए शासन ने बदायूं जिला अस्पताल को डीएनबी प्रशिक्षण केंद्र के रूप में चयनित किया है। पहले चरण में मेडिसिन विभाग में डीएनबी कोर्स शुरू होगा।
भविष्य में सीटों की संख्या और विभागों का दायरा बढ़ाने की योजना भी बनाई जा रही है। डीएनबी कोर्स तीन वर्ष की अवधि का होगा। इस दौरान डॉक्टर अस्पताल में नियमित रूप से मरीजों की देखभाल करते हुए सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। कोर्स पूरा करने पर उन्हें राष्ट्रीय बोर्ड की ओर से विशेषज्ञ डॉक्टर (स्पेशलिस्ट) की उपाधि दी जाएगी, जो एमडी या एमएस के समकक्ष मानी जाती है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित कुमार वार्ष्णेय ने बताया कि डीएनबी कोर्स शुरू होने से जिला अस्पताल की पहचान एक शिक्षण संस्थान के रूप में बनेगी। अब यहां मरीजों के उपचार के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा भी दी जाएगी। इससे डॉक्टरों के प्रशिक्षण के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय मरीजों को भी लाभ मिलेगा, क्योंकि अब अस्पताल में अधिक संख्या में विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि इन डॉक्टरों की कक्षाओं के संचालन के लिए अलग से कक्ष भी तैयार कर लिया गया है। (संवाद)
मेडिकल कॉलेज में होगी काउंसलिंग
नीट यूजी-2025 की काउंसलिंग प्रक्रिया के तहत राजकीय मेडिकल कॉलेज बदायूं में 100 एमबीबीएस सीटों के लिए काउंसलिंग की जाएगी। वहीं, डीएनबी की दो सीटों के लिए भी काउंसलिंग आयोजित की जाएगी। डीएनबी कोर्स की पढ़ाई जिला अस्पताल में कराई जाएगी।
अब जिला अस्पताल में डीएनबी के कोर्स की पढ़ाई के लिए दो सीट शासन की ओर से उपलब्ध कराई गईं हैं। ऐसे में दो डॉक्टराें का चयन किया जाएगा। जो यहां पर पढ़ाई करेंगे। -डॉ. अमित कुमार वार्ष्णेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी