धूप के बीच छाता लेकर निकली युवती। संवाद
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बदायूं। तापमान लगातार 45-46 डिग्री के आसपास बना होने से भीषण गर्मी के बीच गर्म हवा झुलसाने का काम कर रही हैं। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के कारण पशु-पक्षियों से लेकर हर कोई व्याकुल है। दोपहर के समय लोग घरों से निकलने से बच रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो फिलहाल भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। अभी तापमान में और भी इजाफा होने का अनुमान है। पिछले साल की तुलना में इस बार मई का तापमान लगभग दो डिग्री सेल्सियस ज्यादा है।
मई के पहले सप्ताह से ही सूरज अपने तल्ख तेवर दिखा रहा है। हालांकि, पिछले दिनों आंधी और बारिश से कुछ राहत मिली थी, लेकिन अब हालात फिर से खराब हो गए हैं। शनिवार के मुकाबले रविवार को अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस का इजाफा दर्ज किया गया। शनिवार को अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। यह रविवार को बढ़ कर 44.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। रविवार को न्यूनतम तापमान 32.8 दर्ज किया गया। पिछले साल की बात करें तो इन दिनों तापमान 42 और 43 डिग्री सेल्सियस के बीच होता था, जबकि इस बार इसमें इजाफा हो गया है। भीषण गर्मी के बीच शीतल पेयों के साथ कूलर, एसी, पंखा, फ्रिज आदि की बिक्री बढ़ गई है।
प्री-मानसून आने में अभी तीन सप्ताह का इंतजार
मौसम वैज्ञानिक डॉ. आलोक सागर गौतम का कहना है कि दक्षिणी-पूर्वी हवा और आर्द्रता का स्तर बढ़ने के कारण ऐसे हालात बने हुए हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अभी प्री मानसून आने में ही कम से कम तीन सप्ताह का समय लग सकता है। ऐसे में फिलहाल तपन से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। इस दौरान तापमान में इजाफा भी होगा।
लू के थपेड़ों के कारण हीट स्ट्रोक का खतरा
- दिन में दोपहर के समय अधिकतम तापमान इन दिनों 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। इस बीच लगातार लू के थपेड़े भी परेशान कर रहे हैं। हीट स्ट्रोक का खतरा भी बना हुआ है। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. राजकमल किशोर का कहना है कि घर से निकलें तो कैप या फिर गमछे का इस्तेमाल करें। ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं और खाली पेट न रहें। अन्यथा की स्थिति में हीट स्ट्रोक का शिकार हो सकते हैं। जहां तक संभव हो दोपहर के समय धूप में निकलने से बचें।