अमर उजाला और बंसल क्लासेज का आयोजन : मेडल और प्रशास्ति पत्र पाकर खिले चेहरे
शिक्षकों ने बच्चों को दिए टिप्स
बदायूं के एसके कालेज में अमर उजाला और बंसल क्लासेज कोटा की ओर से शनिवार को जीनियस ब्रिगेड परीक्षा आयोजित हुई। इसमें विभिन्न स्कूलों के 758 बच्चों ने भाग लिया। परीक्षा के बाद बच्चों को मेडल और प्रमाण पत्र दिए गए। परीक्षा में शामिल हुए बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला।
जिले के आठवीं से 11 वीं क्लास के मेधावी बच्चों के लिए जीनियस ब्रिगेड परीक्षा के अंतर्गत एप्टीट्यूड टेस्ट लिया गया। परीक्षा पूर्वाह्न 11: 45 से शुरू होकर दोपहर 12.45 बजे तक चली। इसके बाद मेधावियों को प्रोत्साहन स्वरूप अमर उजाला और बंसल क्लासेज की ओर से मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। एसके इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. योगेश्वर सिंह, टीचर संदीप भारती, विजय गौतम, टिथोनस इंटरनेशनल स्कूल के टीचर विपिन सक्सेना, नबी अहमद, मदर एथीना स्कूल के शैलेंद्र प्रताप सिंह, विजय कुमार, निधि सक्सेना, ब्लूमिंगडेल के सैफुद्दीन ने बच्चों को मेडल और प्रशस्ति पत्र दिए।
कोटा के बंसल क्लासेज से आए मैथ फैकल्टी डॉ. आशीष जैन ने कहा कि पहले बच्चे कठिन सवालों के जवाब देते हैं। इससे उनका काफी समय बरबाद होता है। आत्मबल में भी कमी आती है। बच्चों को चाहिए कि वे पहले सरल प्रश्नों को हल करें। इससे उनके अंदर कठिन प्रश्नों को हल करने की हिम्मत स्वत: आ जाती है। उन्होंने एनटीई, आईजेएसओ और कई एग्जामों के टिप्स भी दिए।
कैमिस्ट्री हेड रमेश नवहाल ने कहा कि वह अपनी टीम के साथ में कोटा से बदायूं इसलिए आए हैं कि यहां पर बच्चों को कंप्टीशन के बारे में बेहतर जानकारी दे सकें। उन्होंने बताया कि बच्चे निर्धारित की गई फील्ड को चुने और तैयारी करें और असफलता से निराश न होकर हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रयत्न करते रहें। बच्चे, मोबाइल और सोशल मीडिया पर समय खराब नहीं करें।
बिजनेस डेवलपमेंट हेड जयेश गर्ग ने कहा कि विनोद कुमार बंसल शिक्षा जगत में एक ऐसा नाम है, जो शिक्षा के लिए समर्पित है। वह 35 सालों से व्हीलचेयर पर हैं, फिर भी वह लगातार गाइड कर रहे हैं, जिससे बच्चे अपनी सपनों की उड़ान को पंख लगाकर उड़ सकें। वही जयेश गर्ग ने विनोद कुमार बंसल के उद्देश्य से बच्चों को रूबरू कराते हुए कहा कि सफलता का सीधा संबंध सुविधाओं और साधनों से नहीं होता, ब्लकि इसका सीधा संबंध साधना से होता है। प्रधानाचार्य डॉ. योगेश्वर सिंह ने कहा कि अमर उजाला और बंसल क्लासेज की संयुक्त पहल काबिले तारीफ है। उन्होंने कहा कि जो बच्चे कोटा जा सकते हैं वे जरूर जाएं। परीक्षा दिलाने में बंसल क्लासेज के राजन, इमरान, मोहित आदि का सहयोग रहा। परीक्षा में एसके इंटर कॉलेज, टिथोनस इंटरनेशनल स्कूल, मदर एथीना स्कूल, ब्लूमिंगडेल स्कूल, महर्षि विद्या मंदिर स्कूल, एचपी इंटरनेशनल स्कूल, राजाराम महिला इंटर कॉलेज, शिव देवी सरस्वती विद्या मंदिर, मदर टेरेसा स्कूल और एसडीवी पब्लिक स्कूल बिसौली आदि के 758 बच्चों ने भाग लिया।
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36 जिलों में होगी बूस्ट परीक्षा
उत्तर भारत के 36 जिलों में बूस्ट परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इसमें छह से 12वीं कक्षा के बच्चे प्रतिभाग करेंगे। इसमें हर कक्षा से एक-एक मेधावी विद्यार्थी का चयन किया जाएगा। जिसे कैनेडी स्पेस सेंटर सिंगापुर भेजा जाएगा।
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क्या कहते हैं बच्चे
टिथोनस इंटरनेशनल स्कूल की निहारिका बबीता राज ने कहा कि पेपर कठिन था। परीक्षा से कंप्टीशन में आने वाले सवालों और पेपर हल करने के बारे काफी जानकारी मिली। डॉक्टर बनना चाहती हूं,। इंटर करने के बाद कंप्टीनशन की तैयारी के लिए कोटा जाऊंगी।
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श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज के कक्षा नौ के छात्र प्रतीक गुप्ता का कहना है इंजीनियर बनना चाहते हैं। इसको लेकर पढ़ाई के साथ-साथ तैयारियां कर रहे हैं। ताकि उन्होंने जो सपना देखा उसे सच कर सके। अमर उजाला की इस पहल से मेरा सपना पूरा होता दिख रहा है।
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एचपी इंटरनेशनल स्कूल के नौ वी कक्षा के जसकरन का कहना है कि वह आईएएस बनना चाहते हैं और अपने माता-पिता का नाम रोशन करना चाहते हैं।
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ब्लूमिंगडेल स्कूल की छात्रा निहिर सिंह का कहना है कि 2006 में उनके पिता का देहांत हो गया था। तब से लेकर उनकी मां ही उनका सहारा है। उनकी मां का सपना है कि वह आईएएस बनें।
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टीथोनस इंटरनेशनल स्कूल की कक्षा नौ की छात्रा दर्शिला ने बताया कि उनका सपना है, कि वह आईएएस बने और देश में अलग-पहचान बनाएं।
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मदर एथीना स्कूल की 11 वीं कक्षा की परिधि का कहना है कि वह शुरू से ही आईएएस बनना चाहती हैं, इसको लेकर तैयारियों भी शुरू कर दी है।