बदायूं। दो साल पुराने हत्या के मामले में अपर जिला जज न्यायालय संख्या 10 ने अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायाधीश मोहम्मद कमर ने युवक सहदेव की गला घोंटकर हत्या करने के दोषी सुशील उर्फ स्वामी को आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 55 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। यह पूरा मामला हजरतपुर थाने में दर्ज हुआ था।
बक्सेना गांव निवासी वादी दुर्वेश ने हजरतपुर थाने में एक तहरीर दी थी। दुर्वेश ने बताया था कि उसके गांव का सुशील उर्फ स्वामी उसके परिवार से रंजिश रखता था। सुशील अक्सर दुर्वेश के पिता राकेश से धमकी भरे लहजे में कहता था कि उससे कोई बात नहीं है, लेकिन जिस दिन उसका बेटा सहदेव मिल गया, यानी दुर्वेश का भाई उस दिन वह उसकी हत्या कर देगा। दो साल पहले 17 नवंबर 2024 की रात सहदेव अपने घर की बैठक में सो रहा था। तभी सुशील ने सहदेव के गले में जर्सी लपेटकर उसकी निर्मम हत्या कर दी। हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी सुशील मौके से तुरंत भाग गया था। दुर्वेश की तहरीर के आधार पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने गहन छानबीन के बाद आरोपी सुशील को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पुलिस ने इस जघन्य हत्या के मामले की गहन विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी सुशील को मृतक सहदेव पर शक था। सुशील को यह संदेह था कि सहदेव के उसकी पत्नी के साथ प्रेम संबंध थे। इसी शक और रंजिश के चलते सुशील ने सहदेव की हत्या की योजना बनाई थी। इसके बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
न्यायालय ने सभी गवाहों के बयानों और प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों पर गहन विचार-विमर्श किया। इसके बाद न्यायाधीश ने दोषी सुशील उर्फ स्वामी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह सजा हत्या जैसे गंभीर अपराध के लिए निर्धारित की गई है।