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UP: 11 हजार के नकली नोट लेकर पुलिस के पास पहुंचा युवक, बताई ये कहानी; कहीं आपके साथ तो नहीं हुआ धोखा

Sun, 07 Jan 2024 02:04 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

बदायूं में नकली नोटों का धंधा हो रहा है। बाजार में भी नकली नोट खपाए जा रहे हैं। जरीफनगर थाना क्षेत्र में ऐसा ही एक मामला सामने आया है। जालसाजों ने जनसेवा केंद्र संचालक की मां को नकली नोट थमा दिए और उनसे रकम ऑनलाइन अपने खाते में ट्रांसफर करा ली। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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दिल्ली पुलिस ने 31 दिसंबर को अक्षरधाम मेट्रो स्टेशन के नजदीक से बदायूं के तीन युवकों को 50 लाख के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद से यह बात जोर पकड़ने लगी है कि बदायूं में नकली नोटों का धंधा हो रहा है। पुलिस इस रैकेट का पता लगाने में जुटी है। इस बीच नकली नोटों से जुड़ा एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जरीफनगर थाना क्षेत्र में एक जनसेवा केंद्र संचालक शनिवार को 11 हजार के नकली नोट लेकर पुलिस चौकी पहुंचा। उसने ऐसी बात बताई, जिससे पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए।  

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गांव सिरसा खुर्द का रहने वाला अमित अपने गांव में ही जनसेवा केंद्र चलाता है। उसने बताया कि 30 दिसंबर को वह घर पर मौजूद नहीं था। इसी दौरान कुछ लोग उसकी दुकान पर पहुंचे। उक्त लोगों ने उसकी मां को 26 हजार रुपये नकद देकर अपने खाते में 26 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए। शुक्रवार को उसे रुपयों की आवश्यकता हुई, तब उसने अपनी मां से रुपये मांगे। 26 हजार रुपयों में 11 हजार रुपये पांच-पांच सौ के नकली नोट थे। 

वह पांच-पांच सौ के 22 नकली नोटों को देखकर हैरान रह गया। इसके बाद वह नकली नोटों को लेकर मालपुर पुलिस चौकी पहुंचा। उसने चौकी इंचार्ज संजय कुमार को नकली नोट दिए और पूरी कहानी बताई। जनसेवा केंद्र संचालक ने तहरीर देकर मामले की जांच के साथ कार्रवाई की मांग की है। इस पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। चौकी इंचार्ज ने बताया कि युवक ने तहरीर दी है। इसकी जांच कराई जा रही है। उसके बाद ही कोई कार्रवाई होगी। 

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सहसवान में छापे जा रहे थे नकली नोट 
बता दें कि दिल्ली की स्पेशल सेल टीम ने 31 दिसंबर को बदायूं के तीन युवकों को 50 लाख के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था। उन्होंने पूछताछ में बताया था कि दानिश सहसवान के चौकी नंबर चार इलाके में एक निजी अस्पताल चलाता था। उसकी ऊपरी मंजिल पर नोट बनाने का काम चल रहा था। इस धंधे में दानिश, आसिफ, सरताज और जरीफनगर थाना क्षेत्र के एक गांव की ग्राम प्रधान का देवर भी शामिल था। प्रधान का देवर सभी लोगों को सुविधाएं मुहैया कराता था। 

दिल्ली की स्पेशल सेल टीम ने जो लैपटॉप और प्रिंटर आदि बरामद किया था, वह भी प्रधान के देवर का ही था। एक जनवरी को स्पेशल सेल टीम आसिफ नाम के आरोपी को लेकर बदायूं आई थी। तब ग्राम प्रधान के घर पर दबिश दी गई थी लेकिन उस वक्त देवर और उसके परिवार वाले दीवारें कूदकर भाग गए थे, जिससे कोई व्यक्ति स्पेशल सेल के हत्थे नहीं चढ़ा था। वहीं अब नकली नोटों से जुड़ा एक और मामला सामने आया है। इससे यह आशंका बढ़ गई है कि गिरोह के लोग बाजार में नकली नोट खपा रहे हैं।
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