बदायूं के उझानी में दो-तीन दिनों से अंदर से बंद मकान में प्लंबर अर्जुन सागर की रहस्यमय ढंग से मौत हो गई। किसी काम से परिचित श्यामपाल शुक्रवार उसे बुलाने को पहुंचे तो दरवाजा खटखटाने के बाद भी अंदर से कोई आवाज नहीं आई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजे का एक हिस्सा उखड़वा दिया। पुलिस के साथ मोहल्ले के लोग अंदर पहुंचे तो प्लंबर का शव चारपाई पर पड़ा मिला।
मृतक अर्जुन सागर (35) पुत्र स्व. जगराज मूल रूप से सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव आमगांव के निवासी थे। वह पिछले कई साल से गौतपुरी मोहल्ले की नई बस्ती में मकान बनाकर रह रहे थे। वह प्लंबर के अलावा हलवाई का भी काम करते थे। दो-तीन दिनों से वह काम पर नहीं पहुंचे तो परिचित श्यामपाल ने बृहस्पतिवार सुबह उनके घर पर पहुंचकर बुलाने के लिए आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला तो वह लौट गए। श्यामपाल ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे वह फिर पहुंचे, तो भी अंदर से कोई आवाज नहीं आई। इसके बाद श्यामपाल ने आसपास के लोगों को भी बुला लिया।
UP News: यहां लगातार दूसरे दिन चला बुलडोजर, अवैध तरीके से बसाई जा रही पांच कॉलोनियां ध्वस्त
किसी अनहोनी की आशंका के चलते पड़ोसियों ने पुलिस को फोन कर दिया। एसएसआई मनोज कुमार समेत पुलिस कर्मी भी दरबाजा नहीं खोल पाए। बाद में मेनगेट की एक किबाड़ उखाड़ कर लोगों के साथ पुलिस अंदर पहुंच गई। चारपाई पर अर्जुन का शव देख सभी सकते में पड़े गए। पुलिस ने मोहल्ले के लोगों से जानकारी करने के बाद मुरादाबाद में रह रहे मृतक के भाई सुरेंद्र को फोन कर दिया।
अपराह्न करीब चार बजे लौटे सुरेंद्र ने अर्जुन की मौत बीमारी की वजह से बताकर शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। अर्जुन अविवाहित थे। डेढ़ सप्ताह पहले पत्नी के साथ सुरेंद्र छोटे भाई अर्जुन के घर आए थे, लेकिन दो-तीन बाद लौट गए थे। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि अर्जुन कई दिनों से लिवर में संक्रमण की वजह से इलाज भी करा रहे थे। बीमारी की वजह से ही उनकी मौत हुई है। मृतक का भाई कोई कार्रवाई भी नहीं चाहता है।