प्रणव मुखर्जी और प्रतिभा पाटिल के खिलाफ भी भरा था पर्चा
उझानी थाने से सेवानिवृत्त दरोगा महेशचंद्र शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में निर्दलीय के तौर पर पर्चा दाखिल किया है।
महेशचंद्र शर्मा मूलत: फिरोजाबाद के निवासी हैं। वह 90 के दशक में यहां उझानी कोतवाली में उप निरीक्षक थे। सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने वर्ष-2004 में भाजपा के दिग्गज नेता अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ लखनऊ से लोकसभा का चुनाव लड़ा तो उसके बाद रायबरेली से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, गाजियाबाद से राजनाथ सिंह, कन्नौज से डिंपल यादव, मैनपुरी से मुलायम सिंह यादव और कानपुर से श्रीप्रकाश जायसवाल के मुकाबले भी मैदान में उतरे लेकिन हर बार जमानत बचाने में नाकाम रहे।
सन 2007 में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान प्रतिभा देवी सिंह पाटिल के खिलाफ पर्चा भरा तो वर्ष 2013 में प्रणव मुखर्जी के खिलाफ भी नामांकन कराया। दोनों बार प्रस्तावकों के अभाव में पर्चा खारिज हो गया। इसी क्रम में अब उन्होंने राजग उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के खिलाफ 22 जून को रिटर्निंग ऑफीसर के सामने नामांकन दाखिल कर दिया है।
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राजनीतिक दलों की कार्यशैली से आहत हैं शर्मा
उझानी। विधानसभा से लेकर राष्ट्रपति के चुनाव तक नामांकन कराने वाले सेवानिवृत्त दरोगा महेशचंद्र शर्मा राजनीतिक माहौल से काफी खिन्न हैं। उन्हें किसी भी राजनीतिक दल और उसके बड़े नेताओं पर विश्वास नहीं है। बोले- पब्लिक के लिए अभी बहुत कुछ ऐसा चाहिए जो उसे आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूती प्रदान कर सके। यह तभी संभव है जब राजनीति में परिवार और जातिवाद खत्म हो। साथ ही पुलिस के लिए भी वह कुछ ऐसा करना चाहते हैं, जो आगे चलकर मिसाल बन जाए।