बदायूं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) ने स्वयं सहायता समूहों और उनसे जुड़ीं महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में पहल शुरू की है। अचार, पापड़, कचरी समेत अन्य खाद्य उत्पाद तैयार करने वाली महिलाओं को कारोबार बढ़ाने के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन (पीएमएफएमई) योजना के तहत शासन की ओर से 12 स्वयं सहायता समूहों को खाद्य प्रसंस्करण की यूनिट लगाने के लिए 12 लाख तक ऋण दिया जाएगा।
वहीं जिले में समूह की 900 महिलाओं को अचार, पापड़, कचरी बनाने के लिए 40 हजार तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए पोर्टल पर आवेदन किए जा रहे हैं। विभाग की ओर से जिले में इन उत्पादों के व्यवसाय का विस्तार करने के लिए ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 3 समूह की ओर से यूनिट लगाने के लिए आवेदन किए जा चुके हैं। वहीं 40 हजार ऋण के लिए पोर्टल पर 46 महिलाएं आवेदन कर चुकी हैं।
शासन की ओर पीएमएफएमई योजना के तहत समूह की महिलाओं को ऋण देने का लक्ष्य प्राप्त हो चुका है, महिलाओं को योजना के बारे में जानकारी देकर आवेदन कराए जा रहे हैं। ऋण के माध्यम से महिलाएं कारोबार कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी। - रवि प्रकाश सिंह, डीसी एनआरएलएम