बदायूं। पॉक्सो कोर्ट तृतीय के न्यायाधीश ने एक किशोरी के अपहरण के बाद दुष्कर्म के नौ साल पुराने मामले में एक आरोपी को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 54 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की 75 फीसदी धनराशि पीड़िता को देने के आदेश दिए है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, उझानी कोतवाली क्षेत्र के एक ग्रामीण ने 24 मार्च 2016 को कोतवाली में पॉक्सो एक्ट के तहत बेटी के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया था कि उसकी बेटी (14) शौच को जा रही थी। तभी आरोपी राजू बहला फुसलाकर का अपहरण कर ले गया। मामले की विवेचना एसआई सुनील कुमार ने की। किशोरी ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म के बयान दर्ज कराए। विवेचना पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ पॉक्सो कोर्ट तृतीय की अदालत में अपहरण व दुष्कर्म की धारा में चार्जशीट दाखिल की गई। मंगलवार को अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी राजू पुत्र भूरे को दुष्कर्म में दोषी पाया। अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास व 54 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके साथ ही जुर्माने की 75 फीसदी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है।