बदायूं। शहर के एक गार्डन में रविवार को “एक तू सच्चा, तेरा नाम सच्चा” मंत्र के साथ ऋषि बाबा फुलसंदे का दो दिवसीय सत्संग शुरु हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत ईश प्रार्थना से हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने बाबा का माल्यार्पण कर स्वागत, सम्मान किया।
बाबा फुलसंदे ने कहा कि मनुष्य का शरीर पाप और पुण्य का रथ है, जिस पर आत्मा सवार है। जो व्यक्ति धर्म को अपना सारथी बनाता है और शुभ कर्मों को जीवन का आधार बनाता है, वही जन्म-मरण के बंधन से मुक्त होकर मोक्ष की प्राप्ति कर सकता है। उन्होंने कहा कि सतगुरु की सीख पर चलने वाला व्यक्ति जीवन के दुखों से पार हो जाता है और परमात्मा के निकट पहुंचता है।
बाबा ने कहा कि निराकार परमात्मा का स्मरण करने से आत्मा का प्रकाश बढ़ता है। जो व्यक्ति सांस-सांस में ईश्वर का नाम जपता है, उसे परमात्मा अपना मित्र बना लेता है। उन्होंने कहा कि संसार की चमक-दमक क्षणिक है, जबकि धर्म और सत्कर्म ही मनुष्य को सच्ची शांति और मुक्ति का मार्ग दिखाते हैं। कहा कि वर्तमान समय में अधिकांश लोग सांसारिक मोह और पाप कर्मों में उलझे हुए हैं, जबकि धर्म का मार्ग ही जीवन को सार्थक बनाता है। गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि सच्चे गुरु के सानिध्य में जीवन के कांटे भी फूल बन जाते हैं और व्यक्ति के भीतर आध्यात्मिक प्रकाश का उदय होता है। कार्यक्रम में जिला मंत्री उदयवीर सिंह यादव, राजेश कुमार, अमित यादव, आयुष भारद्वाज, अक्षत, कौस्तुभ, प्रखर, डॉ. प्रतिष्ठा, मीना रानी, राजेश्वरी राठौर आदि मौजूद रहे।