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विधायक जी ! दो करोड़ तो खर्च नहीं कर पाए, अब तीन करोड़ का क्या फायदा

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बदायूं। योगी सरकार विधायकों की निधि में एक करोड़ रुपये का इजाफा कर रही है। सरकार का मानना है कि इस निधि का उपयोग विधायक जनता के हितों में करेंगे, लेकिन जिले के हालात तो कुछ और ही बयां कर रहे हैं। अभी तक जिले का कोई भी विधायक शासन से मिले दो करोड़ रुपये ही खर्च नहीं कर पाया है, जबकि वित्तीय वर्ष खत्म होने में महज कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में विधायक जी भविष्य में तीन करोड़ रुपये कैसे खर्च पाएंगे, यह बड़ा सवाल है।
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जिले की बात करें तो यहां पर भाजपा के पांच विधायक है और एक विधायक सपा का है। अगर इन माननीयों की बात करें, तो शायद किसी के पास इतना समय नहीं है कि वह अपनी निधि का उपयोग सही कर पाए। वर्तमान में एक साल में विधायक को दो करोड़ रुपये मिलते हैं। इसमें 75 फीसदी धनराशि विधायक स्वयं के द्वारा और 25 फीसदी धनराशि का उपयोग प्रभारी मंत्री की अनुशंसा पर किए जाने का प्रावधान है। लेकिन प्रभारी मंत्री कहीं और कोई काम न बता दें, इसलिए उतनी रकम बाद में फैसला लेने के लिए छोड़ दी जाती है। ज्यादातर विधायक बाद में इस तरफ ध्यान नहीं देते हैं। यही कारण है कि फैसले देर से लिए जाने के कारण वित्तीय वर्ष में अब तक स्वीकृत विधायक निधि के अधिकांश काम अधूरे पड़े हैं।
निधि खर्च करने में शहर और सहसवान विधायक आगे
प्रदेश सरकार के तीन साल के कार्यकाल में जनपद के विधायकों की निधि पर गौर करें, तो निधि खर्च करने में शहर विधायक महेश चंद्र गुप्ता सबसे आगे हैं। उन्होंने अभी तक डेढ़ करोड़ रुपये खर्च कर लिए हैं। वही, सहसवान के सपा विधायक ओमकार सिंह भी ज्यादा पीछे नहीं है। वह भी एक करोड़ 20 लाख रुपये खर्च कर चुुके हैं। दातागंज के राजीव कुमार सिंह और बिल्सी के पं. आरके शर्मा एक-एक करोड़ ही विधायक निधि खर्च कर पाए हैं। इन विधायकों की तरफ से दो-दो करोड़ रुपये के प्रस्ताव विभाग को भेज जा चुके हैं। हालांकि शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य 50 लाख रुपये विधायक निधि के खर्च कर चुके हैं, लेकिन उनके स्तर से करीब तीन करोड़ रुपये के प्रस्ताव विभाग को भेजे जा चुके हैं। वहीं, बिसौली विधायक कुशाग्र सागर अपनी निधि से 35 लाख रुपये के काम कर चुके हैं। इस बारे में दातागंज के विधायक राजीव कुमार सिंह से संपर्क करना चाहा लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
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संस्थाओं की कमी बन रही रोड़ा
विधायक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के माध्यम से अपने काम कराते हैं। विभाग के अनुसार जिले में कार्यदायी संस्थाएं कम होने की वजह से अधिकांश काम समय से शुरू नहीं हो पाते हैं, जिसकी वजह से विधायक निधि खर्च होने भी दिक्कत आती है।
क्या बोले विधायक
मेरी विधायक निधि से शासन की मंशा के अनुरूप सभी वर्गों के हितों में विकास कार्य कराए जा रहे हैं। जो धनराशि बची है, उसे जल्द ही अन्य विकास कार्यों में खर्च किया जाएगा। - महेश चंद्र गुप्ता, शहर विधायक
अपने क्षेत्र में लगातार विकास कार्य करा रहे हैं। जनता की मांग के अनुरूप विधायक निधि को खर्च किया जा रहा है। इसमें किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया रहा है। - कुशाग्र सागर, बिसौली
अपनी निधि से हमने वन विभाग, स्पोर्ट्स स्टेडियम, 20 बारात घर बनवाने के लिए धनराशि दी है। इसके अलावा अन्य विकास के काम भी निधि से कराए हैं। ताकि हमारे क्षेत्र में विकास तेजी से हो सकें। - धर्मेंद्र शाक्य, शेखूपुर विधायक
सहसवान विधानसभा के गांव कुछ ऐसे थे, जहां पर सड़कें टूटी थीं या फिर नहीं थी। ऐसे में जनता की मांग को देखते हुए उन गांवों में इंटरलॉकिंग और सीसी रोड बनवाए हैं ताकि लोगों को आने जाने में दिक्कत न हो। - ओमकार सिंह, सहसवान विधायक
जो हमें निधि मिली है, उसे जनहित के कामों में लगाया गया। इससे यात्री शेड और सीसी रोड बनवाए हैं। यात्री शेड बनाने से राहगीरों को काफी फायदा होगा। - पं. आरके शर्मा, बिल्सी विधायक
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