सोमवती अमावस्या पर कछला में गंगा नहाने आए 18 श्रद्धालु डूब गए। प्राइवेट
गोताखोरों ने बच्चों समेत नौ श्रद्धालुओं को बाहर निकाल लिया, लेकिन शेष को
नहीं बचा सके। डूबे लोगों में पांच साल की बालिका समेत दो श्रद्धालुओं का
शाम तक पता नहीं लग सका है। मरने वालों में दो मथुरा जिले के और चार
राजस्थान के निवासी थे। एक युवक के शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है।
गंगाघाट
पर हादसों की शुरुआत सोमवार को सुबह आठ बजे से हुई। अपने भाई और बहन के
साथ गंगा नहाने मथुरा के महोरा थाना क्षेत्र के गांव भोंडर से पहुंचे जयवीर
(20) पुत्र हिंडाराम के डूबने का शोर मचा तो गोताखोरों ने आधा घंटा की
मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाल लिया, लेकिन तब तक वह दम तोड़ चुका था। मथुरा
में कृष्णा कॉलोनी थाना क्षेत्र में ओमनगर के 15 वर्षीय शेखर पुत्र अशोक
कुमार की नहाते वक्त डूबने से मौत हो गई। वह अपने चाचा लक्ष्मन प्रसाद के
साथ गंगा नहाने आया था। राजस्थान के दौसा निवासी रामकिशोर की 18 वर्षीय
बेटी संगीता का शव करीब दो घंटे बाद मिला।
दौसा जिले में थाना-कस्बा
महोबा के मुन्नेलाल का परिवार अपने नाते-रिश्तेदारों के साथ गंगा नहाने आया
था। नहाते वक्त गहरे में चले जाने से मुन्ने के 22 वर्षीय बेटे खेमचंद्र
की डूब जाने से मौत हो गई, जबकि उसके चचेरे भाई दीपक और गोलू को गोताखोरों
ने बचा लिया। राजस्थान में ही भरतपुर जिले के मुनीश पांडेय (30) पुत्र
कृष्ण दत्त पांडेय की डूबने से मौत हो गई। वह अपने बहनोई सालिकराम के साथ
आए थे। गोताखोरों ने दोपहर बाद करीब 35 वर्षीय एक और युवक के शव को खोज
निकाला, लेकिन उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई है। शाम छह बजे भरतपुर के तेवर
कस्बे के मोहन सिंह के 20 वर्षीय बेटे ईश्वरी प्रसाद उर्फ टिंकू का भी शव
मिल गया।
धौलपुर जिले में गुलाबनगर की ऑफीसर कॉलोनी के मुनीश शर्मा की
पांच वषीय पुत्री रौनक और धौलपुर खास का रेवती (23) पुत्र देवदत्त अभी
लापता हैं। घरवाले पुलिस ओर गोताखोरों के संपर्क में हैं, लेकिन उनका अभी
तक सुराग नहीं लग पाया है। डूबे अन्य श्रद्धालुओं को समय रहते ही निकाल
लिया गया था। कछला चौकी इंचार्ज मानपाल सिंह और तहसील प्रशासन की ओर से
ड्यूटी पर मौजूद लेखपाल ओमबाबू नागेंद्र ने बताया कि दो जिले के घाट और
बाकी के हादसे कासगंज क्षेत्र में हुए हैं।