बदायूं। मुजरिया चौराहे पर चल रही रामलीला में राम वनवास का मंचन देख दर्शक भाव विभोर हो उठे। इसमें दिखाया गया कि राम को रथ से वन की ओर छोड़ने भेजा गया। उनके साथ तमाम नगरवासी भी हो लिए। रास्ते में थके हारे अयोध्यावासी सो गए तो राम, सीता और लक्ष्मण के साथ वन की ओर प्रस्थान कर गए। सोकर उठे तो अयोध्या के नर-नारियों को पता लगा राम उनको सोता छोड़ वन को चले गए तो वे खूब रोये और पश्चाताप करने लगे। अपने को कोसने लगे कि नींद क्यों आ गई। अब उनके राम कहां मिल पाएंगे। विलाप करने लगे तो दर्शकों के आंखों में भी आंसू छलक आए।
यहां विगत छह अक्तूबर से श्रीरामलीला मंचन चल रहा है। शुक्रवार की रात राम वनवास की लीला दिखाई गई। इससे पूर्व कैकेई-दशरथ संवाद और कोप भवन में जाने तक की पूरी लीला दिखाई गई। पिता के वचन की पूर्ति करने को श्री राम ने 14 वर्ष का वनवास स्वीकार किया। इधर, रामलीला के मेला में भीड़ बढ़ गई है। पुलिस की व्यवस्था भी चाक-चौबंद है।
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राम के बाण ने बाली के प्राण हर लिए
बदायूं। बिसौली में आदर्श रामलीला कमेटी के प्रांगण में चल रही श्रीराम लीला के मंच पर शुक्रवार की रात बाली वध प्रसंग का भव्य मंचन किया गया। राम की भूमिका में रामनंद तिवारी और बाली की भूमिका संजीव सिंह ने निभाई। उत्कृष्ट अभिनय ने दर्शकों का मन मोह लिया। कलाकारों के संवाद, भाव भंगिमा और प्रभावशाली प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। मंचन के दौरान सजावट, प्रकाश व्यवस्था और ध्वनि संचालन ने भी लीला की सुंदरता को बढ़ा दिया। आयोजकों ने बताया कि आगे राम सुग्रीव मैत्री एवं सीता खोज का मंचन किया जाएगा। रामलीला देखने को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। संवाद
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धू-धूकर जल उठा बुराई का प्रतीक रावण
रामलीला में गूंज उठे राम के जयकारे
इस्लामनगर। यहां चल रही रामलीला में राम-रावण में जमकर युद्ध होता है। रावण के सिर कट जाते हैं और फिर उग आते हैं। विभीषण राम को बताते हैं कि उसकी नाभि में अमृत है, जबतक उसका छिद्रण नहीं किया जाएगा। रावण नहीं मरेगा। राम एक साथ 31 वाण चलाते हैं। जिससे उसकी बीस भुजाएं और दस सिर अलग हो जाते हैं और एक तीर उसकी नाभि को छेद डालता है। नाभि का अमृत सूखते ही रावण धरासाई हो जाता है। रामलीला के मैदान में खड़े पुतले को आग के हवाले कर दिया जाता है। रावण का पुतला धू-धू कर जलने लगता है। श्री राम के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठता है। असत्य पर सत्य की जीत के प्रतीक के रूप में रावण के पुतले का हर साल ऐसे ही दहन किया जाता है। इस अवसर पर मेला कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप गुप्ता, महामंत्री अतुल वैश्य, कोषाध्यक्ष विनोद शंखधार, वंशी मिश्रा,त्रिलोकी गुप्ता, बंटी आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। संवाद
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पंचवटी में सीता ने देखा स्वर्ण मृग
बदायूं। बिसौली नगर के श्री प्राचीन रामलीला कमेटी के रंगमंच पर शुक्रवार की रात सीता हरण एवं पंचवटी प्रसंग का मंचन किया गया।
लीला में राम की भूमिका जीतेश, लक्ष्मण की भूमिका विनायक मिश्रा, सीता की भूमिका शुभ मिश्रा, हरिओम मिश्रा ने निभाई। कलाकारों के संवाद, मंच सज्जा और भाव-भंगिमा ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सूर्पणखा की नाक काटने से लेकर खर-दूषण वध तक के प्रसंगों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। मंचन के बाद जादूगर जुगनू ने अपने आकर्षक जादू शो से दर्शकों को आश्चर्यचकित किया। इस मौके पर नगर के सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। राम नाम के जयघोष से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा। संवाद
मुजरिया राम लीला में राम वन गमन का एक भावुक सीन। संवाद