बदायूं। बरेली-मथुरा नेशनल हाईवे चौड़ीकरण के कार्य से बरेली से उझानी तक का सफर खतरनाक हो गया है। निर्माण के कारण 12 से अधिक स्थानों पर डायवर्जन किया गया है, लेकिन वहां पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए हैं। इससे लोग रोजाना चोटिल भी हो रहे हैं। कई जगहों पर जाम की स्थिति भी बनती है।
बरेली-मथुरा नेशनल हाईवे के कई स्थानों पर मिट्टी पड़ी है, तो कहीं एक ही लेन पर दोनों तरफ का ट्रैफिक चल रहा है। सर्विस लेन अधूरी होने से वाहन मुख्य मार्ग पर ही फंस जा रहे हैं। हालात यह हैं कि बरेली से उझानी तक का एक घंटे का सफर अब दो से तीन घंटों में तय हो रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है। मिट्टी और गिट्टी के कारण बाइक फिसलने का खतरा बना रहता है।
डायवर्जन प्वाइंटों पर न तो पर्याप्त साइनबोर्ड लगे हैं, न ही रात में रिफ्लेक्टर या लाइट की व्यवस्था है। अंधेरा होते ही दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। बारिश होने पर कीचड़ और फिसलन से हालात और बिगड़ जाएंगे। दोपहिया वाहन चालकों का कहना है कि निर्माण एजेंसी ने बैरिकेडिंग तो की है, लेकिन सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा। कई जगह खुले गड्ढे और अधूरा निर्माण हादसों को न्योता दे रहा है। एक माह में इस मार्ग पर छोटे-बड़े आधा दर्जन से अधिक हादसे हो चुके हैं।
यहां से गुजरने वाले राहगीरों ने मांग की कि डायवर्जन प्वाइंटों पर पर्याप्त संकेतक, रिफ्लेक्टर, लाइट और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की जाए। साथ ही एक लेन को जल्द से जल्द दुरुस्त कर ट्रैफिक सुचारु किया जाए, ताकि हादसों पर अंकुश लग सके और सफर आसान हो।
प्रमुख हादसे
केस- 1
बुधवार को कछला और उझानी के बीच हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे में छह महिलाओं की मौत हो गई थी। रेस लगा रहे दो ट्रैक्टरों ने एक ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। हादसे में ई-रिक्शा चालक समेत तीन लोग घायल हुए थे।
केस- 2
उझानी क्षेत्र के करुआ पुल के मोड़ पर दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में एक युवक की मौत हो गई थी। निर्माणाधीन पुल के पास अचानक ही सामने से दूसरा बाइक सवार आ गया। दोनों चालक बाइकों को काबू कर पाते, उससे पहले ही टक्कर हो गई। हादसे में जुगेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई।
केस- 3
बरेली-मथुरा हाईवे पर कछला के पास 31 मार्च को स्लीपर बस और पिकअप की आमने-सामने टक्कर हो गई थी। हादसे में चालक समेत पिकअप सवार गार्ड लहूलुहान हो गए थे। चालक को खिड़की तोड़कर बाहर निकाला गया था। पिकअप चालक और एक गार्ड की मौत हुई थी।
-राहगीर ने बताई अपनी परेशानी
बाइक सवार संतोष कुमार का कहना है कि गांव मलिकपुर से बिनावर और बदायूं जाते हैं तो सड़क पर बाइक चलाते समय डर सा लगा रहता है, बाइक धीमी गति में चलाते हैं तो 15 किलोमीटर बदायूं का सफर घंटे में तय होता है।
बाइक सवार नासिर ने बताया कि बरेली किसी काम से गए थे, घर लौट रहे हैं। वन साइड चल रहे सड़क पर चलना बहुत ही मुश्किल है। दुर्घटना का भय सताता है।
बाइक सवार सोनू वर्मा ने बताया कि उझानी से घटपुरी रिश्तेदारी में जा रहे हैं। सड़क निर्माण कार्य चलने से पहले 45 मिनट में लगते थे अब उझानी से बिनावर तक का सफर करीब डेढ़ से 2 घंटा में पूरा हो रहा है, दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
बाइक सवार बबलू ने बताया कि बरेली-बदायूं हाईवे से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर गांव है, जब कोई जरूरी काम होता है तभी मोटरसाइकिल लेकर सड़क पर आते हैं। दुर्घटनाओं की खबरें देख मोटरसाइकिल निर्माणाधीन सड़क पर चलाना उचित नहीं समझते हैं।
कई स्थानों पर हैं संभावित दुर्घटना के प्वाइंट
बिनावर। निर्माणाधीन हाईवे की दूरी थाना बिनावर से गांव पुठी मोड़ थाना भमोरा बॉर्डर तक 8 किलोमीटर की दूरी है और थाना सिविल लाइन बॉर्डर गांव चंदन नगर खरार की दूरी 9 किलोमीटर है। कुल मिलाकर बिनावर थाना क्षेत्र में लगने वाले हाईवे की कुल दूरी 17 किलोमीटर है। एक क्रॉसिंग पॉइंट गांव विजय नगला के पास संभावित दुर्घटना का प्वाइंट है। वहीं दुर्घटना प्वाइंट नंबर 2 बिनावर से बदायूं जाने वाले मार्ग पर हीरो एजेंसी के सामने क्रॉस सड़क है।
बरेली-मथुरा नेशनल हाईवे के निर्माण के दौरान सुरक्षा के इंतजाम पहले से ही किए गए थे। अब और सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं। वहीं स्पीड को नियंत्रण के जगह-जगह लोगों को जागरूक करने के लिए बोर्ड लगाए जा रहे हैं। - उत्कर्ष शुक्ला, पीडी एनएचएआई
बुटला के पास बिना संकेतक के बनाया गया कट। संवाद
बुटला के पास बिना संकेतक के बनाया गया कट। संवाद
बुटला के पास बिना संकेतक के बनाया गया कट। संवाद
बुटला के पास बिना संकेतक के बनाया गया कट। संवाद
बुटला के पास बिना संकेतक के बनाया गया कट। संवाद
बुटला के पास बिना संकेतक के बनाया गया कट। संवाद