वजीरगंज। साहूकारों के समूह से कर्ज लेने और चुकता न करने की वजह से परेशान क्षेत्र के ग्राम हतरा निवासी वीरेंद्र (27) पुत्र छोटे लाल ने घर में फंदे से लटककर जान दे दी। मंगलवार रात ही परिजन पुलिस को बिना सूचना दिए शव अंतिम संस्कार के लिए लेकर जा रहे थे, इसी बीच पुलिस पहुंच गई और शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराया है।
वीरेंद्र की मां गंगा देवी ने बताया कि वीरेंद्र पर समूह का दो लाख रुपये कर्जा था। समूह वाले लोग उसे बार-बार घर आकर परेशान कर रहे थे। वह कर्ज अदा करने में असमर्थ थे। उसकी किस्त वसूलने के लिए पिछले चार-पांच दिनों से समूह के कर्मचारी लगातार घर पर आ रहे थे। इस दौरान किस्त को लेकर कई बार कहासुनी भी हुई।
बताया गया कि घटना से एक दिन पहले भी समूह के कर्मचारियों से उसकी कहासुनी हुई थी, जिसके बाद वह मानसिक तनाव में थे। इसी बात से परेशान होकर बेटे ने घर में छत के कुंडे में फंदा डालकर आत्महत्या कर ली। मां ने बताया कि वीरेंद्र की शादी करीब आठ वर्ष पूर्व थाना कुंवरगांव क्षेत्र के ग्राम मड़िया निवासी रीना से हुई थी। उसके तीन वर्षीय पुत्री माधुरी और दो वर्षीय पुत्र हृदयेश है। वीरेंद्र दो भाइयों में छोटा था। वह गांव में मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण किया करते थे।
उधर, परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव मंगलवार रात में ही लेकर जा रहे थे, तभी वीरेंद्र की पत्नी के मायके पक्ष के लोगों ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की। वीरेंद्र के ससुराल वालों को गांव में ही किसी ने सूचना दे दी थी। उधर, बुधवार को पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।
सीओ अंशुमन श्रीवास्तव ने बताया कि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा। परिजनों ने अभी कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।