फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दो साल बाद मिला बेटा: अपहरण कर साढू को दे दिया था बालक, शादाब से हो गया अंश

Wed, 12 May 2021 08:38 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, कादरचौक (बदायूं)

सार

कादरचौक इलाके के गांव गंगी नगला से बरामद बालक शादाब को राजेंद्र के रिश्ते का साढू ग्रेटर नोएडा से अगवा करके लाया था। इसमें सौदेबाजी की बात सामने नहीं आई है। इस बीच बच्चे का नाम बदल कर शादाब से अंश रख दिया। 
विज्ञापन
दो साल बाद अपने माता-पिता के पास पहुंचा शादाब - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कादरचौक इलाके के गांव गंगी नगला से बरामद बालक शादाब को राजेंद्र के रिश्ते का साढू ग्रेटर नोएडा से अगवा करके लाया था। इसमें सौदेबाजी की बात सामने नहीं आई है। इस बीच बच्चे का नाम बदल कर शादाब से अंश रख दिया। दो साल तक हिंदू परिवार में परवरिश के चलते बच्चा अब अपने अतीत का सब कुछ भूल चुका है। कादरचौक थाने पहुंची ग्रेटर नोएडा पुलिस दोनों आरोपियों को अपने साथ ले गई है। वहीं से दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

विज्ञापन


ग्रेटर नोएडा में ईको तृतीय थाना क्षेत्र के हल्दौनी गांव निवासी साढ़े पांच साल का शादाब पुत्र शाहिद अली गंगी नगला के राजेंद्र शाक्य के घर से बरामद हुआ है। बताते हैं कि राजेंद्र शाक्य के कोई बेटा नहीं है। उसकी तीन बेटियां हैं। उसके रिश्ते का साढू राजाराम अखटामई का रहने वाला है। वह ग्रेटर नोएडा में काम करता था। करीब दो साल पहले राजाराम ही शादाब को अगवा करके लाया था। पुलिस के मुताबिक उसने राजेंद्र से बालक के बारे में चर्चा की थी। जिस पर राजेंद्र ने कहा था कि उसके कोई बेटा नहीं है। इस बालक को उसे दे दो। जिसके  बाद राजाराम ने शादाब को राजेंद्र के हवाले कर दिया। पूछताछ के दौरान राजेंद्र ने ही राजाराम का नाम उजागर किया था। जिस पर पुलिस ने उसे मंगलवार रात को ही गिरफ्तार कर लिया।

सूचना पर ग्रेटर नोएडा के ईको तृतीय थाने के सब इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार द्विवेदी कादरचौक थाने पहुंचे। वह मंगलवार रात में ही दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर वापस लौट गए। इधर, शादाब को पिता शाहिद अली अपने साथ ग्रेटर नोएडा ले गए हैं।
विज्ञापन


बदला धर्म, शादाब से अंश हुआ बालक
ग्रेटर नोएडा का शादाब करीब दो साल तक गंगी नगला में पला बढ़ा। इस दौरान उसे यह भी जानकारी नहीं थी कि वह कौन है और कहां से लाया गया है। शुरुआती दौर में उसे काफी परेशानी हुई थी लेकिन बच्चों में रहकर वह सब कुछ भूल गया कि आखिर उसके माता-पिता कौन हैं। एक बच्चे को पुरानी बातें भूलने के लिए दो साल बहुत ज्यादा थे। इससे वह राजेंद्र को ही पिता मानने लगा था। इससे राजेंद्र ने भी उसका नाम अंश शाक्य रख लिया। उसे धर्म से हिंदू बना दिया। बाल कटवाने के दौरान उसकी चोटी बनवाई गई। राजेंद्र के परिवार वाले उसे अंश कहकर बुलाते थे और वह इसी नाम से खुद को पहचानता भी था लेकिन अब वह अपने घर में पहुंच गया है।

याद दिलाने को दिखाए पुराने फोटो
जिस समय शादाब को कादरचौक थाने लाया गया था, उस समय उसके पिता ने उसके बचपन के फोटो दिखाए। मां-बाप और बहनों के भी फोटो दिखाए लेकिन वह किसी को पहचान नहीं सका। वह सब कुछ भूल चुका था।

गंगी नगला से बरामद बालक को उसके पिता अपने साथ ले गए हैं। जबकि पकड़े गए दोनों आरोपियों को ग्रेटर नोएडा पुलिस ले गई है। उनके खिलाफ वहीं से कार्रवाई होगी। - ऋषिपाल सिंह, इंस्पेक्टर, कादरचौक

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें