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ककोड़ा मेला : गंगा तट पर आज से उमड़ेगा आस्था का सैलाब, मुख्य स्नान कल

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मेला ककोड़ा में बसा तंबुओं का शहर। संवाद
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ककोड़ा मेला। रुहेलखंड के ऐतिहासिक ककोड़ा मेले का बृहस्पतिवार को केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा उद्घाटन करेंगे। इसको लेकर जिला पंचायत की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। मेले में आसपास के जिले से लोग आना शुरू हो गए हैं। बृहस्पतिवार रात तक यहां करीब तीन-चार लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
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मिनी कुंभ के नाम से प्रख्यात ककोड़ा मेले की शुरुआत झंडी पहुंचने के साथ ही आठ नवंबर से हो चुकी है, लेकिन इसका विधिवत उद्घाटन केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा बृहस्पतिवार 14 नवंबर काे करेंगे। वह बृहस्पतिवार अपराह्न दो बजे मेले का उद्घाटन करेंगे। उनके साथ में भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य भी मौजूद रहेंगे। शाम तीन बजे सरकारी प्रदर्शनी और शाम पांच बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इसके अलावा शाम छह बजे कठपुतली नृत्य, रात सात बजे काला जादू दिखाया जाएगा। 15 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर मेले में मुख्य स्नान होगा।
इधर, बुधवार सुबह से ही ककोड़ा मेले में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। मेले में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने लगी है। गंगातट पर तंबुओं का शहर बसने लगा है। मेले में कुर्मियान बस्ती पूरी तरह बस चुकी है। बाजार लगभग सज चुके हैं। मेले में दिनभर बच्चों ने मस्ती की। मेले में महिलाएं भी चाट-पकौड़ी, झूलों का आनंद लेते दिखाई दीं। महिलाओं और युवतियों ने मीना बाजार से जमकर खरीदारी की।
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साधु-संन्यासी को बांटी खिचड़ी
देवोत्थानी एकादशी का व्रत करने वालों ने बुधवार सुबह गंगा स्नान किया। साधु-संतों को खिचड़ी दान की। खिचड़ी भोज भी कराया गया। मेले में आए लोगों ने मेले में ही खिचड़ी बनाई व साधुओं को खिचड़ी भोज कराया।


सुसज्जित नाव से लोग कर रहे नौकायन

गंगा में लगभग 20 मोटरवोट सुसज्जित आने से लोग नौकाविहार कर गंगा मैया में आनंद ले रहे हैं। कुछ लोग इन नाव से उस पार भी जाकर स्नान करते हैं जो कि सुरक्षा कारणों से उचित नहीं है। उस पार कोई प्रशासनिक व्यवस्था नहीं है। उस पार का क्षेत्र कासगंज का है, हालांकि मेला भी कासगंज क्षेत्र में लगा है।


तीन सीओ संभालेंगे सुरक्षा व्यवस्था
ककोड़ा मेले में कोतवाली बना दी गई है। वेदपाल को कोतवाल बनाया गया है। मेले में तीन सीओ, 80 दरोगा, 100 हेड कांस्टेबिल, 400 होमगार्ड, 30 महिला पुलिसकर्मी, 10 घुड़सवार पुलिसकर्मी, एक जल पीएसी प्लाटून, 15 पुलिस चौकी, 14 पुलिस पिकेट, 30 गोताखोर और 25 जल पुलिस के गोताखोर तैनात रहेंगे। अधिकारियों ने बैठक करके पुलिसकर्मियों को उनके कार्यों के बारे में विस्तार से निर्देशित किया गया है। कुछ पुलिसकर्मी कासगंज मार्ग से लेकर मेला मार्ग पर तैनात रहेंगे। कुछ पार्किंग की व्यवस्था तो कुछ घाट पर सादा कपड़ों में तैनात रहेंगे।

मेले में लगाए 50 सीसी कैमरे, वॉच टॉवर का काम भी पूरा

मेला में सुरक्षा की दृष्टि से 50 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। हालांकि, अब तक मोबाइल और इंटरनेट नेटवर्क के लिए पोर्टेबल मोबाइल टावर नहीं लग सके हैं। कुछ स्थानों पर मेला मार्गों का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। सभी स्थानों पर वॉच टावर बनाने का काम पूरा कर लिया गया है।

गहराई वाले स्थानों पर बेरीकेडिंग और लाल झंडियां लगाई गईं

गंगा में गहराई वाले स्थानों पर बेरीकेडिंग करने के साथ ही चेतावनी के लिए लाल झंडियां लगाई गईं हैं। मुख्य स्नान घाट पर गहराई 30 फुट तक है। यहां करीब एक किमी इलाके में गंगा की बेरीकेडिंग की गई है। गंगा किनारे स्नानघाट पर जेसीबी से खाई भी खोदी है।

मेले का मुख्यद्वार अब तक तैयार नहीं

ककोड़ा मेले का मुख्यद्वार अब तैयार नहीं हो सका है। कई स्थानों पर अस्थायी सड़कें भी दलदली हो गईं हैं। वीआईपी इलाके में भी अव्यवस्थाएं हैं। हालांकि चौबीस घंटे युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। जिला पंचायत के एएमए मासूम रजा ने बताया कि बुधवार रात में ही मुख्यद्वार का काम पूरा कर लिया जाएगा।

सेवा करने ककोड़ा मेले पहुंचे स्काउट-गाइड

मेला ककोड़ा में बदायूं से स्काउट-गाइड पहुंच गए हैं। स्काउट-गाइड की तरफ से यहां खोया-पाया बच्चों की जानकारी के लिए शिविर लगाया जाएगा। स्काउट संस्था के प्रादेशिक वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जिला मुख्यायुक्त महेश चंद्र सक्सेना ने हरी झंडी दिखाकर स्काउट्स और गाइड्स को मेला ककोड़ा के लिए रवाना किया।

मेला ककोड़ा में बसा तंबुओं का शहर। संवाद

मेला ककोड़ा में बसा तंबुओं का शहर। संवाद

मेला ककोड़ा में बसा तंबुओं का शहर। संवाद

मेला ककोड़ा में बसा तंबुओं का शहर। संवाद

मेला ककोड़ा में बसा तंबुओं का शहर। संवाद

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