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माध्यमिक और प्राविधिक शिक्षा की हुई अनदेखी, काम लटके

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राजकीय पालीटेक्निक बदायूं का भवन। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। जिला योजना 2021-22 में माध्यमिक और प्राविधिक शिक्षा विभाग की भी अनदेखी की गई। जिला योजना के तहत साल भर बजट न मिलने के कारण कई काम लटके तो कई शुरू ही नहीं हो सके। जिला योजना में माध्यमिक शिक्षा विभाग को 8.29 और प्राविधिक शिक्षा विभाग को 3.53 करोड़ के बजट का अनुमोदन किया गया था लेकिन दोनों को ही जिला योजना में पूरे साल बजट के नाम पर कुछ नहीं मिला।
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माध्यमिक शिक्षा विभाग ने 2021-22 की जिला योजना में 8.29 करोड़ की कार्य योजनाएं रखीं थीं। जिला योजना समिति ने इसके लिए बजट का अनुमोदन भी कर दिया। कार्य योजना में जिले के 21 राजकीय हाईस्कूलों और दो राजकीय इंटर कॉलेजों में अनुरक्षण समेत अन्य काम होने थे। इसमें 21 राजकीय हाईस्कूलों के शिक्षकों का वेतन भी शामिल था। वेतन तो समय-समय पर शिक्षकों को मिलता रहा, लेकिन कार्य योजना में शामिल अन्य कार्यों के लिए पूरे साल बजट नहीं मिला। प्राविधिक शिक्षा विभाग भी पूरे साल बजट का इंतजार करता रहा। बजट न मिलने से कई काम लटके रहे तो कई शुरू ही नहीं हो सके।
प्राविधिक शिक्षा विभाग को जिला योजना में 3.53 करोड़ के बजट का अनुमोदन किया गया। इससे राजकीय पॉलिटेक्निक में लैब, नए कक्षा कक्षों के निर्माण के साथ इंटर्नल रोड का निर्माण भी होना था। कक्षा कक्षों और लैब की कमी से जूझ रहे जीटीआई को जिला योजना में साल भर बजट के नाम पर कुछ नहीं मिला। ऐसे में कोई भी काम शुरू नहीं हो सका। अब जिला योजना में फिर से पुरानी कार्य योजना को दोहराया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि उम्मीद है कि इस बार बजट मिल जाए।
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राजकीय पॉलिटेक्निक में आधुनिक लैब की जरूरत
प्राविधिक शिक्षा विभाग के अधीन संचालित राजकीय पॉलिटेक्टिनक में कक्षा कक्षों की कमी के साथ आधुनिक लैब और उपकरण भी नहीं हैं। ऐसे में यहां तकनीकी शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र-छात्राएं प्रयोगात्मक कार्यों में पिछड़ रहे हैं। लंबे समय से जीटीआई प्रशासन अतिरिक्त भवन के साथ समय की जरूरत के साथ अतिरिक्त कक्षा कक्षों की मांग भी कर रहा है, लेकिन इसके लिए भी बजट नहीं मिल रहा। राजकीय पॉलिटेक्निक परिसर में सड़कों का बुरा हाल है। कई बार अंदर की सड़कों के निर्माण को लेकर भी लिखा जा चुका है। जिला योजना में भी कार्य योजना रखी जा रही है, लेकिन इसके लिए भी बजट नहीं मिल पा रहा। ऐसे में काम पूरे नहीं हो पा रहे।
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माध्यमिक शिक्षा विभाग अन्य विभागों से कराएगा काम
माध्यमिक शिक्षा विभाग को स्कूलों के अनुरक्षण, बाउंड्री और शौचालय निर्माण आदि के लिए बजट तो नहीं दिया गया है, लेकिन नई व्यवस्था जरूर कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत माध्यमिक स्कूलों में मनरेगा, पंचायती राज विभाग और प्रधानमंत्री जन विकास योजना के तहत काम कराए जाएं। डीआईओएस डॉ. प्रवेश कुमार का कहना है कि डीसी मनरेगा ने मनरेगा के तहत पक्के निर्माण कार्य की व्यवस्था न होने की बात कही है। पंचायती राज विभाग और प्रधानमंत्री जन विकास योजना समेत कन्वर्जन आदि माध्यमों से जरूरी काम कराने की व्यवस्था की जा रही है।
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जिला योजना 2021-22 में 3.53 करोड़ के बजट का अनुमोदन हुआ था। इससे राजकीय पॉलिटेक्निक में लैब, कक्षा कक्षों और नए भवन के निर्माण के साथ इंटरनल रोड का काम भी होना था। जिला योजना में बजट न मिलने से यह काम शुरू नहीं हो सके। जिला योजना में फिर से इन कार्यों को कराने की कार्ययोजना दी गई है।
-एसके आजाद, विभागाध्यक्ष राजकीय पॉलिटेक्निक
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राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत जिले में 21 राजकीय हाईस्कूल संचालित हैं। 2021-22 में 8.29 करोड़ की कार्ययोजना दी गई थी। इसमें 21 राजकीय हाईस्कूलों के शिक्षकों का वेतन भी शामिल था। शिक्षकों का वेतन तो मिलता रहा, लेकिन अन्य कार्यों के लिए अलग से बजट नहीं मिल सका।
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-डॉ. प्रवेश कुमार, डीआईओएस
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