बदायूं। दीपावली नजदीक आते ही जिले में आतिशबाजी का कारोबार तेज हो गया है। ऐसे में सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। जिले में 15 स्थायी लाइसेंस धारक आतिशबाजी कारोबारी हैं। त्योहार पर बड़ी संख्या में पटाखों की बिक्री होती है। इसलिए किसी भी तरह की दुर्घटना न हो। इसके लिए अब इन कारोबारियों की जांच की जा रही है।
जांच टीम में संबंधित एसडीएम, सीओ और फायर बिग्रेड के अधिकारी शामिल है। यह टीम आतिशबाजी का कारोबार करने वालों के गोदामों और दुकानों की जांच करेगी। वह लाइसेंस से संबंधित कागजात, सुरक्षा इंतजाम और विस्फोटक नियमों के पालन को बारीकी से देखेंगे। वहीं जांच के दौरान जिन कारोबारियों के यहां सुरक्षा मानकों में कमी मिली तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश पाल सिंह ने बताया कि जिले मेें 15 स्थायी लाइसेंस है। इसमें शहर में आठ स्थायी, दातागंज मेें तीन, बिल्सी और बिसाैली में दो-दो लाइसेंस है। जांच तेजी से पूरी की जाएगी।
पहले हो चुके हैं हादसे
इस्लामनगर कस्बे में अप्रैल 2024 मेें आतिशबाजी की दुकान में तेज धमाका हुआ। उसमें दुकान की छत और दीवारें धराशायी हो गईं। हादसे में दो बच्चे समेत चार लोग मलबे में दब गए। उसावां थाना क्षेत्र गांव नगरिया चिकन में अप्रैल 2025 में एक मकान में रखी आतिशबाजी के ढेर में विस्फोट हो गया। तेज धमाके के साथ हुए विस्फोट में पूरा मकान गिर गया। इसमें उमेश और मनोज की मौत हो गई। उसावां कस्बे में अप्रैल 2017 में एक मकान मेें धामका हुआ था। तब सुमित व अवनीश की मौत हो गई थी।