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Budaun News: विवेचक नहीं बता सका मृत्यु का कारण, हत्या के प्रकरण में अभियुक्त दोषमुक्त

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बदायूं। अवैध संबंध के शक में डंडे से पीटकर हत्या कर छोटेलाल का शव कुएं में फेंकने के 20 साल पुराने मामले में विवेचक सेवानिवृत्त रघुराज सिंह मौत का कारण स्पष्ट नहीं कर सके, जबकि केस में सबसे महत्वपूर्ण यही तथ्य था। अपर सत्र न्यायाधीश कु. रिंकू की कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए अभियुक्त नवीन को हत्या, साक्ष्य छिपाने सहित अन्य धाराओं में दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट ने मामले में गवाही से मुकरने पर रामफूल के विरुद्ध वाद दर्ज करने व स्पष्टीकरण तलब करने का नोटिस भेजने का आदेश दिया है।
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थाना फैजगंज बेहटा क्षेत्र के सीकरी निवासी रामचरन ने 6 जनवरी 2006 को थाने में तहरीर दी थी कि गांव के ही पप्पू अपनी ससुराल ग्राम हरदासपुर थाना बिसौली में रहता है, जबकि उसकी मां गांव में रहती है। 4 जनवरी 2006 की अपराह्न करीब ढाई बजे पप्पू का साला अमरपाल निवासी हरदासपुर अपने साथ दो दोस्तों, ख्याली निवासी ग्राम कैथल थाना चंदौसी व नवीन निवासी मोहल्ला देवी थाना चंदौसी जिला मुरादाबाद (अब संभल), के साथ गांव आया था।
पप्पू की मां के पास उसका भाई छोटेलाल मौजूद था। तीनों व्यक्ति छोटेलाल को लेकर ग्राम भोजपुर में शराब पीने ठेके पर गए थे, जहां से छोटेलाल घर नहीं लौटा। परिवार ने तलाश की। 6 जनवरी 2006 को ग्राम भोजपुर के जंगल में रामेश्वर के कुएं में छोटेलाल की लाश मिली थी।
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पुलिस ने तहरीर के आधार पर पोस्टमॉर्टम कराया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में छोटेलाल की मौत चाेटों के कारण होना पाई गई। विवेचना के दौरान अभियुक्तगणों के नाम प्रकाश में आए। पुलिस ने ख्याली को गिरफ्तार करने के बाद उसकी निशानदेही पर 13 जनवरी को घटना में प्रयुक्त आलाकत्ल यूकेलिप्टस का डंडा बरामद किया था। घटनास्थल, बरामदगी आदि के नक्शानजरी बनाए। वादी और अन्य की गवाही दर्ज की।
पुलिस ने विवेचना करने के बाद अभियुक्त ख्याली, पप्पू व नवीन के विरुद्ध हत्या, साक्ष्य छिपाने व षडयंत्र रचने के आरोप में आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था। प्रकरण में नवीन, ख्याली व पप्पू की पत्रावलियां पूर्व में अलग हो गई थीं। केस की सुनवाई के दौरान वादी रामचरन ने गवाही देते हुए कहा था कि मृतक छोटेलाल छोटा सगा भाई था। पप्पू से भाई की गहरी दोस्ती थी।
रामचरन ने कहा कि छोटेलाल की शादी नहीं हुई थी। पप्पू के पिता महिपाल बीमार रहते थे, इस वजह से उसके भाई छोटेलाल का पप्पू के यहां आना-जाना रहता था। छोटेलाल, पप्पू के घर में रात में भी रुकने लगा था। इस पर पप्पू को शक था कि उसकी मां से छोटेलाल के अवैध संबंध हो गए हैं, इसी कारण पप्पू व उसकी मां के बीच झगड़ा होने लगा था। कहा कि उसकी मां मना करने पर भी छोटेलाल को घर बुलाकर ले जाती थी। एक दिन पप्पू ने मां और छोटेलाल को एक साथ बैठे देख गोली मारने की धमकी दी थी। इसके बाद पप्पू अपनी 11.5 बीघा जमीन बेच अपनी ससुराल हरदासपुर में रहने लगा था। इसी वजह से पप्पू उसके भाई से रंजिश मानने लगा था। घटना वाली रात सभी घर आ गए थे, लेकिन छोटेलाल नहीं आया। पूछने पर पप्पू ने सही बात नहीं बताई।


पोस्टमॉर्टम में चोटें मिली थी
छोटेलाल के शव का पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर ने कोर्ट में बताया था कि मृतक के दाहिनी घुटने के बाहरी हिस्से व बाएं कंधे पर ऊपर हिस्से में चोटें पाई गई थीं। पेट में लिवर फटा मिला था। करीब एक लीटर खून पेट की गुहा में पाया गया था। डॉक्टर ने बताया था कि मृत्यु अधिक रक्तस्राव एवं सदमा से होना संभव है, जो मृत्यु पूर्व आई चोटों के परिणाम से थी।
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