बदायूं। परिषदीय विद्यालयों में अच्छी शैक्षिक व्यवस्था बनाने और शिक्षकों की कमी को देखते हुए उच्च प्राथमिक विद्यालयों में संविदा पर अनुदेशकों की वर्षों पूर्व तैनाती की गई थी। अब उनकी मांग पर सरकार ने पारस्परिक स्थानांतरण और रिक्त विद्यालयों में प्राथमिकता के आधार पर दिव्यांग और महिलाओं की तैनाती किए जाने के आदेश दिए हैं। इस क्रम में विभाग द्वारा ऐसे अनुदेशकों से पारस्परिक विषयवार आवेदन मांगे हैं। 26 दिसंबर को उन्हें पदस्थापित विद्यालय में ज्वाइन करना होगा। ऐसे में दूरदराज के विद्यालयों में तैनात अनुदेशकों ने अब शहर के नजदीकी विद्यालयों में तैनाती कराने के लिए अपनी सेटिंग शुरू कर दी है।
जिले के जिन उच्च प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों की संख्या 100 या उससे अधिक है, उन विद्यालयों में शासन के निर्देश पर अनुदेशकों की तैनाती की गई थी। जब से इनकी तैनाती हुई है, तब से लेकर आज तक इनका स्थानांतरण नहीं हुआ है। इसको लेकर अनुदेशकों के संगठन के द्वारा सरकार से पारस्परिक स्थानांतरण की मांग की गई, उनके अनुरोध पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए सरकार ने पारस्परिक स्थानांतरण और 100 छात्रों से अधिक वाले विद्यालयों में रिक्त विषय के आधार पर तैनाती करने के आदेश विभागीय अधिकारियों को दिए। शासन के निर्देश हैं कि नए विद्यालयों में रिक्त अनुदेशकों के पद पर महिलाओं और दिव्यांगों को वरीयता दी जाए। जिले में बड़ी संख्या में अनुदेशकों ने पारस्परिक स्थानांतरण के लिए आवदेन किए हैं। अब इन अनुदेशकों ने शहर के नजदीकी स्कूलों में तैनाती कराने को हर तरह के हथकंडं अपनाने शुरू कर दिए हैं। बताया जाता है कि पारस्परिक स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया के लिए 13 से 17 दिसंबर तक आवेदन मांगे हैं। शनिवार और रविवार की छुट्टी होने के बावजूद आवेदन विभाग में जमा किए जा सकेंगे।
बिगड़ सकता है समीकरण
-चूंकि दूरदराज के विद्यालयों में तैनात अनुदेशक हरहाल में नजदीकी विद्यालय पाने में लगे हैं। इसके लिए उन्होंने राजनैतिक प्रयास करने शुरू कर दिए हैं। ऐसे में सवाल उठाता है कि जिन विद्यालय से अनुदेशक हटेंगे। तब वहां पर कौन तैनाती चाहेेगा। जाहिर है कि ऐसे में उन विद्यालयों से हटने के बाद में अनुदेशकों की कमी और हो जाएगी। ऐसे में शासन की मंशा पर पानी भी फिर सकता है।
अनुदेशकों के स्थानांतरण के लिए आवेदन मांगे हैं। जो भी आवेदन आएंगे उन पर विचार किया जाएगा। इसमें महिलाओं और दिव्यांगों को वरीयता दी जाएगी।
रामपाल सिंह राजपूत, बीएसए