एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह
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बदायूं के इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गांव ब्यौर कासिमाबाद में प्रभातफेरी निकाल रहे ग्रामीणों पर लाठी फटकारने के मामले में एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने मंगलवार देर रात इंस्पेक्टर नरेश कुमार समेत चार लोगों को लाइन हाजिर किया है। इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गांव ब्यौर कासिमाबाद के ग्रामीण करीब 50 वर्षों से माघ महीने में प्रभातफेरी निकालते आ रहे हैं। 16 जनवरी को निकाली जा रही प्रभातफेरी को पुलिस ने गैर समुदाय के लोगों की शिकायत पर विवादित रास्ता बताते हुए रोक दिया था। जब ग्रामीण तीन घंटे तक प्रभातफेरी निर्धारित रूट पर ही ले जाने को डटे रहे तो पुलिस ने जमकर लाठियां फटकारी थीं। इसमें आठ से दस महिलाएं व युवक घायल हो गए।
ग्रामीणों के आक्रोश को देखकर तीन थानों की पुलिस के अलावा पीएसी को मौके पर बुलाना पड़ा। बाद में बजरंग दल समेत अन्य संगठन के पदाधिकारियों ने थाने का घेराव कर दोषी पुलिस वालों पर कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। एडीएम व एसपी देहात ने दोनों पक्षों से वार्ता कर करीब 12 घंटे के बाद मामले को शांत कराया।
एसपी सिटी ने एसएसपी को सौंपी जांच रिपोर्ट
पुलिस ने माना कि लोग अपने सही रूट पर ही प्रभातफेरी निकाल रहे थे। पुलिस ने किसके इशारे पर प्रभातफेरी को रोका। इसकी जांच एसपी सिटी को दी गई थी। इसके बाद मामले की जांच रिपोर्ट सोमवार रात ही एसएसपी को सौंपी गई। मंगलवार रात एसएसपी ने इंस्पेक्टर नरेश कुमार, क्राइम इंस्पेक्टर देवेंद्र यादव, उपनिरीक्षक अवधेश मिश्रा व सिपाही युग शर्मा को लाइन हाजिर किया है।
एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रभातफेरी को रोकने की जांच रिपोर्ट मिल गई है। इसी के आधार पर ही इंस्पेक्टर, क्राइम इंस्पेक्टर, उपनिरीक्षक व सिपाही को लाइन हाजिर किया है। बाकी मामले की भी जांच की जा रही है।