पुलिस पूछताछ में राहुल ने दी अहम जानकारी
महाराष्ट्र के सागंली क्राइम ब्रांच के एसआई पंकज पवार ने बताया कि राहुल शर्मा से पूछताछ की गई तो उसने बताया है कि सांगली का रहने वाला शनि पाटिल करीब सात साल तक उसके कस्बे में रहा था। वह चांदी गलाने का काम करता था। उससे उसकी दोस्ती थी। उसके कहने पर ही चोरी का माल लाकर देने वाले कासगंज के चोरों से उसने संपर्क किया। ककराला के शातिर दो चोरों को साथ लिया और चोरी करने की साजिश रची गई। शनि ने महाराष्ट्र के दो युवकों संपर्क किया।
बैंक में चोरी की घटना करने के बाद माल का बंटवारा करके सभी आरोपी अपने अपने स्थान को चले गए। आरोपी राहुल से करीब 1.5 करोड़ रुपये कीमत का सोना बरामद किया गया है। अभी अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही माल की बरामदगी का प्रयास पुलिस कर रही है। इस चोरी की घटना में महाराष्ट्र व अलापुर पुलिस भी लगी हुई है। इसमें तीन ककराला के, तीन कासगंज और तीन ही महाराष्ट्र के चोर शामिल रहे हैं। अभी तक एक राहुल ही गिरफ्तार किया जा सका है।
राहुल ने कस्बे में खोली थी जिम, फिर शुरू किया सराफा कारोबार
राहुल शर्मा ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर तीन साल पहले जिम का काम शुरू किया। इसके बाद में अपने इन्हीं साथियों के साथ कस्बे में सराफा की दुकान खोली। एक साल पहले तक साझे में सराफा का कारोबार चलता रहा। लेकिन जब साथियों को पता लगा कि राहुल चोरी का माल भी खरीदता है और चोरों के साथ रहता है तो उन्होंने अपनी दुकान अलग कर ली। इसके बाद वह अकेला पड़ गया। फिर उसका व्यापार से मन हट गया।
राहुल ने कई साल पहले कर लिया था धर्म परिवर्तन
महाराष्ट्र की बैंक से करोड़ों रुपये कीमत के जेवरात चोरी करने के आरोपी राहुल ने अपने साथियों के कहने पर कई साल पहले मुस्लिम धर्म अपना लिया था। लेकिन हिंदू संगठन के लोगों के दबाव में उसने फिर से हिंदू धर्म स्वीकार कर लिया था।
पिता करते थे सराफा की दुकान पर काम
राहुल शर्मा के पिता रजमेश शर्मा कस्बे के ही एक सराफ व्यापारी की दुकान पर काम करते थे। राहुल अक्सर सराफा की दुकान पर आया करता था। इस बीच इसने सराफ व्यापारी के साथ भी गबन कर लिया था, जिसके बाद उसके पिता को दुकान से हटा दिया गया था। फिर उसने अपने दोस्तों के साथ सराफा की दुकान खोली थी।