बदायूं के मुजरिया थाने में तैनात दरोगा और सिपाही ने एक युवक को कमरे बंद करके पीटा। पीड़ित ने पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके बाद उसने कोर्ट से गुहार लगाई। कोर्ट के आदेश पर ठेकेदार, दरोगा, सिपाही व होमगार्ड के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव सिरकी खेड़ा निवासी धमेंद्र कुमार ने कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया है कि उसका छोटा भाई संजीव सालारपुर में ओमपाल ठेकेदार के यहां मजदूरी करता था। इसलिए ठेकेदार पर उसका 18 हजार रुपये बकाया था। 20 फरवरी को उसने मजदूरी मांगी तो ओमपाल ठेकेदार ने उसकी मारपीट कर दी। संजीव ने पुलिस को बुलाया तो वह ठेकेदार से सांठ-गांठ करते हुए उसकी और पिटाई कर दी। तहरीर देने थाने गए तो सिपाही दीपक ने ठेकेदार से 18 हजार रुपये दिला दिए।
आरोप है कि उसमें से सिपाही छह हजार रुपये छीन लिए। विरोध करने पर मारपीट की। इसकी शिकायत की तो फोन छीन लिया और दरोगा विकास पुनिया, सिपाही दीपक व होमगार्ड ने कमरे में बंद करके पीटा। उसके बाद हवालात में बंद कर दिया। वहां से छोड़ने के लिए 15 हजार रुपये लिए। इसकी शिकायत एसएसपी से की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अब कोर्ट के आदेश पर दरोगा विकास पुनिया, सिपाही दीपक, होमगार्ड व ठेकेदार ओमपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।