सेंटर सुनसान, बिचौलिए परेशान
जब तक यदु चीनी मिल पर कार्रवाई नहीं हुई थी। तब तक तमाम बिचौलिए बड़े आराम से अपना काम कर रहे थे। उन्होंने चीनी मिल से लेकर गन्ना सेंटरों तक अपना जाल बिछा रखा था लेकिन चीनी मिल पर कार्रवाई के बाद बिचौलियों की आफत आ गई है। वह जिन सेंटरों और जिन स्थानों पर सक्रिय रहते थे, अब वह छोड़कर भाग गए हैं। इससे चीनी मिलों के सेंटर सुनसान नजर आने लगे हैं, जिससे किसान आराम से अपने की गन्ना तौल करा रहे हैं।
शीरा टैंक पर नहीं लगाए गए थे सीसीटीवी कैमरे
यदु शुगर मिल घोटाले की जांच करने जिला आबकारी अधिकारी राजेश कुमार तिवारी और उप आबकारी निरीक्षक श्रीराम वर्मा भी पहुंचे थे। उनकी छानबीन में नियमों के अनुसार मासफ्लो मीटर चालू हालत में नहीं था और किसी भी शीरा टैंक पर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे। इससे यह भी माना जा रहा है कि शीरे की वास्तविक मात्रा और आवागमन में हेर-फेर किया गया।
ऑटोमैटिक बैग काउंटिंग मशीन थी, संख्या का जिक्र नहीं
चीनी मिल में छानबीन के दौरान ड्रायर हाउस में ऑटोमैटिक बैग काउंटिंग मशीन लगी मिली, जिससे चीनी के बोरों की संख्या पता चलता रहे लेकिन चीनी मिल के पास उसका कोई विवरण मौजूद नहीं था। टीम को बताया गया कि मशीन में 24 घंटे का डाटा ही सुरक्षित रहता है। उसके बाद खुद ही डिलीट हो जाता है। इससे यह भी माना गया कि चीनी के बोरों की संख्या छिपाने की कोशिश की गई।
ग्लोबल कंपनी के अधिकारियों की तलाश में जुटी पुलिस
ओरछी चौराहे से पकड़े गए तीन बिचौलिए ग्लोबल कंपनी के तहत यदु शुगर मिल के लिए गन्ने की खरीदारी कर रहे थे। फैजगंज बेहटा थाना पुलिस ने इस कंपनी के अधिकारियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस की एक टीम दिल्ली गई हुई है। बताया जा रहा है कि टीम ग्लोबल कंपनी के कार्यालय और उसके अधिकारियों के बारे में छानबीन कर रही है।
चीनी मिल ने बिसौली पुलिस को नहीं दिए अभिलेख
कमिश्नर के आदेश पर दर्ज कराए गए मामले की बिसौली कोतवाली पुलिस छानबीन कर रही है। मामला चीनी मिल के एमडी कुणाल यादव, अध्यासी सुरेश चंद्र जौहरी और जीएम विजय कुशवाह के खिलाफ दर्ज कराया गया है। इस संबंध में बिसौली पुलिस ने चीनी मिल से गन्ना खरीदारी, शीरा, चीनी उत्पादन और सल्फर खपत के संबंध में जानकारी मांगी है लेकिन अब तक चीनी मिल ने पुलिस को कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया है।