बदायूं/बिल्सी। ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायकों के नव सृजित पद की भर्ती होने से पहले ही विवादों में घिर गई है। ग्राम रोजगार सेवकों से लेकर जन सुविधा केंद्रों के संचालक तक इसकी मुखालफत में आ गए हैं। सोमवार को रोजगार सेवकों ने बिल्सी में धरना प्रदर्शन करके भर्ती के खिलाफ आवाज बुलंद की। कहा कि हमें भी समायोजित किया जाए या भर्ती रद्द की जाए।
उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक, पंचायत मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले सोमवार को विकास खंड अंबियापुर पर अपनी समस्याओं को लेकर ब्लॉक क्षेत्र के रोजगार सेवकों ने धरना-प्रदर्शन किया। ग्राम पंचायत स्तर पर की जाने वाली पंचायत सहायकों की भर्ती प्रक्रिया का विरोध किया। सरकार द्वारा जारी शासनादेश की प्रतियों को जलाकर विरोध जताया। जिलाध्यक्ष शेर सिंह ने कहा कि संगठन की ओर से कई बार विभागीय अफसरों से रोजगार सेवकों की समस्याओं के निस्तारण को लेकर मौखिक और लिखित रूप से कहा गया है। बावजूद समस्याओं के निस्तारण को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार सेवकों की अनदेखी कर पंचायत स्तर पर पंचायत सहायकों की आनन-फानन में भर्ती करना चाह रही है। इसे रोजगार सेवक संगठन कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। प्रदेश भर में करीब 35 हजार रोजगार सेवक तैनात है। इन्हें पंचायत सहायकों के पदों पर समायोजित कर 12 हजार मानदेय दिलाया जाए। यदि सरकार ने समय रहते उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया तो संगठन की ओर से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरु कर दिया जाएगा। इसकी सारी जिम्मेदारी शासन की होगी। इस मौके पर परमानंद, विपिन चौहान, विनय कुमार, राहुल देव शाक्य, भरत सिंह, महेश पाल आदि मौजूद रहे।
शुरू हुई आवेदन प्रक्रिया
- पंचायत सहायकों की आवेदन प्रक्रिया दो अगस्त से शुरू हो गई है। इसके लिए प्रधान, ब्ल़ॉक में एडीओ पंचायत और विकास भवन में डीपीआरओ कार्यालय में आवेदन पत्र जमा किए जाएंगे। इन सबकी लिस्ट बनाई जाएगी और इन्हें प्रधान के पास ही भेजा जाएगा। वहां प्रधान व सचिव कुल आवेदनों की मेरिट बनाकर वरीयता क्रम में आवेदक का चयन करेंगे। बाद में सूची जारी कर दी जाएगी। डीपीआरओ शरनजीत कौर ने बताया कि शासन के निर्देशानुकास प्रक्रिया अपनाई जाएगी। भर्ती पूरी पारद र्शिया से की जाएगी।